बांसी (सिद्धार्थनगर)। नदियों में उफान से शनिवार को फिर तीन बांध कट गए। राप्ती के दक्षिण छोर पर निर्मित जमींदारी बांध और रिंग बांध बांसी नगर के समीप कट गया। इससे आधा दर्जन गांव जलमग्न हो गए हैं। बांध से सटे पिपरहिया, गरगजवा के पास रेगुलेटर टूटा होने के कारण बांसी कस्बे के कई मोहल्लों में पानी आ गया है। उधर, इटवा में भैंसाही से सोनबरसा के बीच बूढ़ी राप्ती पर निर्मित बांध के कटने से स्थिति गंभीर हो गई है।
राप्ती नदी के दक्षिणी छोर पर स्थित जमीदारी बांध का निर्माण कस्बे व आस-पास के क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए किया गया था। इसी से कुछ दूर पर रुदलपुर व कटहा गांव की सुरक्षा के लिए रिंग बांध निर्मित है। शनिवार की सुबह एक के बाद एक दोनों बांध चंद घंटों के अंतराल में कट गए। इससे आस-पास स्थित करीब आधा दर्जन गांव जलमग्न हो गए। सुबह सात बजे नगर के गांगुली मोहल्ले की फुलवारी में जमीदारी बांध टूट गया। बाढ़ का पानी गरगजवा व पिपरहिया गांव में घुस गया। डुमरियागंज-बांसी बांध में पिपरहिया व गरगजवा के बीच रेगुलेटर के टूटे होने के कारण बाढ़ का पानी तेजी से पटेलनगर, प्रतापनगर, आजाद नगर मोहल्ले में घुसने लगा। इसी बीच रुदलापुर गांव के पास दोपहर बारह बजे रिंग बांध में कटान होने से बाढ़ का पानी कटहा व रुदलापुर गांव में तेजी से घुस गया। यह गांव देखते ही देखते जलमग्न हो गए। इन सभी गांव के लोगों ने रहने के लिए बांध का शरण लिया है।
सतवाढ़ी में कटान से बांसी के चार मोहल्लों में आया पानी
बांसी। नदियों के बढ़ते जलस्तर व सतवाढ़ी गांव के पास बांध में हुए कटान से बांसी नगर के चार मोहल्लों में बाढ़ का पानी घुस गया है। राप्ती में आए उफान से बांसी-पनघटिया बांध पर रानी मोहभक्त लक्ष्मी स्नान घाट के बगल में व शास्त्रीनगर मोहल्ले में स्थित रेगुलेटर व नाले को बंद कर दिया गया है। इसके बावजूद इसमें हो रहे रिसाव से माघ मेला मैदान श्यामनगर, राजेंद्रनगर, अकबरनगर आंशिक मोहल्ले में बाढ़ का पानी घुस गया है। इसी तरह सतवाढी गांव के पास बांध में हुए कटान के बाद बूढ़ी राप्ती नदी का पानी बहकर बांसी नगर के उत्तरी छोर निषादनगर रानीगंज चौराहे तक पहुंच गया। बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस रहा है, जिससे काफी दुश्वारी हो रही है। हालांकि नगर के नरकटहा क्षेत्र में पानी न पहुंचे इसके लिए नगर पालिका प्रशासन सचेत है। ईओ अरविंद कुमार ने बांसी-इटवा मार्ग पर स्थित सभी पुलिया को अपनी देखरेख में बंद करवा दिया है।