शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। तहसील क्षेत्र में बाढ़ के चलते दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क अन्य जगहों से कट गया है। जरूरत के सामानों के लिए लोग तरस रहे हैं। प्रशासन की मदद उन तक नहीं पहुंच पा रही। हालात ऐसे ही रहे तो एक दो दिन में उनके सामने रोटी का संकट खड़ा हो सकता है।
चेतिया-होरिलापुर मार्ग पर बाढ़ का पानी चढने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है। इस मार्ग से लोग इटवा, जिगनिहवा, बांसी, डुमरियागंज, जोगिया की ओर नहीं आ-जा पा रहे हैं। क्षेत्र के भेड़िहवा, वनपुकरा, बैदोली, पकड़ी, मदरहवा, जखवलिया, बरैनिया, बैदोली आदि ग्रामीण इलाकों में सड़क पर पानी पसरा होने से लोगों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ में फंसे पीड़ितों का कहना है कि शासन-प्रशासन भी समस्या की ओर ठीक ढंग से ध्यान नहीं दे रहा है। बैदोली बांध के कटान स्थल का मरम्मत कार्य में प्रशासन लगा हुआ है, लेकिन धीमे गति से हो रहे काम के चलते गांव में बाढ़ का पानी घुस रहा है। शनिवार को पूर्व ब्लॉक प्रमुख उग्रसेन प्रताप सिंह, सपा नेता वीरेंद्र तिवारी ने गांवों का दौरा किया। वहीं बाढ़ के चलते पशुपालकों की समस्या और जटिल हो गई है। इंसान तो किसी तरह इधर-उधर चलकर अपने खाने-पीने का इंतजाम तो कर ले रहे हैं, लेकिन बेजुबानों को काफी परेशानी हो रही है। चारे की तलाश में पशुपालक इधर-उधर भटक रहे हैं।
अंतिम संस्कार करने के लिए नहीं मिल रही जगह
शोहरतगढ़। तहसील क्षेत्र के मस्जिदिया गांव में शुक्रवार की राजू जायसवाल की 52 वर्षीय मां का देहांत हेा गया। उनके अंतिम संस्कार के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाढ से प्रभावित गांव होने के चलते लोग दोपहर के समय गांव से कुछ दूरी पर स्थित नदी तट पर ऊंचा स्थान तलाश कर किसी तरह शव का अंतिम संस्कार ।
राहत पहुंचाने में प्रशासन को छूट रहा पसीना
शोहरतगढ़। बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने में प्रशासन को काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। मुख्य मार्ग से दूर मैरुंड गांवों में नाव के सहारे पहुंचना प्रशासन के लिए बेहद कठिन साबित हो रहा है। इसी के चलते शनिवार को बहुत कम मात्रा में किसी तरह राहत सामग्री गांव तक पहुंचाई जा सकी। एसडीएम सत्यप्रकाश सिंह व तहसीलदार संतोष कुमार ओझा राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ बाढ़ राहत समाग्री का वितरण क्षेत्रीय विधायक चौधरी अमर सिंह व सांसद जगदंबिका पाल के साथ किया।