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Siddharthnagar News: 90 करोड़ रुपये से बुझेगी एक लाख की आबादी की प्यास

Wed, 20 May 2026 12:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। जिले की तीन नगर पंचायतों में 90 करोड़ रुपये के वाटर प्रोजेक्ट की मंजूरी मिली है। इसमें नगर पंचायत उसका में 29 करोड़, शोहरतगढ़ में 22 करोड़ और इटवा में 39 करोड़ रुपये से पाइपलाइन बिछाने के साथ ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया जाएगा।
जल निगम शहरी की ओर से इन परियोजनाओं की स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। काम पूरा होने पर इन नगर पंचायतों की एक लाख आबादी को पीने का साफ पानी उपलब्ध हो सकेगा। इन नगर निकायों में टंकी के निर्माण के लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई है।
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नगर पंचायत उसका और इटवा के सृजन के बाद भी यहां के अधिकांश लोगों को पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं है। इन नगर निकायों में पुरानी ग्रामीण पाइपलाइन से ही सप्लाई की जा रही है। वहीं, यहां की बड़ी आबादी पेयजल योजना से अछूती है। नगर पंचायत शोहरतगढ़ के सीमा विस्तार के बाद शामिल हुए ग्रामीण क्षेत्र में भी पेयजल योजनाओं को लाभ नहीं पहुंचा, इसलिए यहां के लोगों को भी पीने के साफ पानी उपलब्ध नहीं हो पाया। इसको देखते हुए जल निगम नगरीय क्षेत्र की ओर से शुद्ध पेयजल उपलब्धता के लिए प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजा था। स्वीकृति मिलने के बाद अब इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
नगर पंचायत उसका में सुधरेगी पेयजल व्यवस्था : जलनिगम शहरी की ओर से नगर पंचायत उसका बाजार के विभिन्न वार्डों में 2969.52 लाख रुपये से पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। इसमें से 582.86 लाख रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है। इससे पेयजल संकट से जूझ रहे नगरवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, इससे सरकार का हर घर तक साफ व सुरक्षित पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य भी पूरा होगा। इस योजना में पुरानी व जर्जर पाइपलाइन को बदलकर नई बिछाई जाएगी। जल की बर्बादी रोकने के लिए लीकेज-फ्री सिस्टम लागू होगा। इन पेयजल परियोजनाओं के लिए नगर पंचायत के राजेंद्र नगर, शिवाजीनगर और रामनगर समेत पांच स्थानों पर भूमि चिह्नांकन किया गया है। इससे नगर पंचायत की बड़ी आबादी को पीने का साफ पानी मुहैया हो सकेगा।
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अशुद्ध पानी पीने से बढ़ रहे पीलिया और टाइफाइड के मरीज : इन नगर निकायों में पीने के लिए शुद्ध पानी की उपलब्धता नहीं होने से लोग गंदा पानी पीने को मजबूर है। अधिकांश मोहल्लों में वाटर सप्लाई और इंडिया मार्का हैंडपंप नहीं होने से लोग देशी नल के पानी का उपयोग कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में अशुद्ध पानी पीने से बड़ी संख्या में लोग जलजनित बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार इसमें पीलिया और टाइफाइड के मरीजों की संख्या अधिक है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के संयुक्त जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि ओपीडी में पीलिया और टाइफाइड बुखार के मरीज मिल रहे हैं। ओपीडी में करीब 15 प्रतिशत मरीज इन्हीं बीमारियों के हैं। यह जलजनित बीमारी है।
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