सिद्धार्थनगर। लापरवाही पूर्वक उपचार से 17 दिन के नवजात की मौत के मामले की जांच के लिए डीएम दो सदस्यीय जांच टीम गठित की है। सीएमओ और एसडीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। इससे पहले मृतक बच्चे के पिता की तहरीर पर सदर पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही पूर्वक इलाज करने से मौत होने के आरोप में केस दर्ज कर जांच कर रही है।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष अनिल सिंह ने डीएम को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाते हुए कहा था कि उसकी पत्नी की डिलेवरी नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में हुई थी। बच्चा नार्मल पैदा हुआ था। यहीं उसका उपचार हो रहा था। 18 नवंबर को बच्चे के सिर में फुंसी हो गई थी। इसके बाद डॉ. अब्दुल्ला को दिखाया। सुधार न होने 20 नवंबर को दोबारा चिकित्सक को दिखाया गया। उन्होंने बिना जानकारी दिए ही बच्चे के सिर में चीरा लगा दिया। इससे बच्चे की हालत बिगड़ गई। चिकित्सक के पास ले गए तो उन्होंने बाहर दिखाने का हवाला देते हुए पल्ला झाड़ लिया। गोरखपुर एक अस्पताल में 22 नवंबर की रात बच्चे की मौत हो गई। इस अस्पताल के चिकित्सक ने बताया था कि गलत इंजेक्शन से बच्चे के शरीर में इंफेक्शन हो गया था, जिससे उसकी मौत हो गई। शिकायती पत्र को संज्ञान में लेते हुए डीएम कुणाल सिल्कू ने जांच टीम गठित करते हुए जांच के आदेश दिए हैं। दो सदस्यीय टीम में सीएमओ डॉ. आरके मिश्र को अध्यक्ष व एसडीएम अजीत कुमार जायसवाल को सदस्य नामित किया गया है।