फोटो कैप्सन-01एसडीएन80पी, 81पी व 82पी- धनखरपुर गांव में कैबिनेट मंत्री जयप्रताप सिंह के जमीन को खाली करवाने जाते पुलिस व प्रषासन के लोग, गांव के रास्ते पर मौजूद पुलिस फोर्स व तमाषबीन बनकर खड़े ग्रामीण
01एसडीएन83पी व 84पी- धनखरपुर गांव में आम के हरे पेड़ों को जमींदोज करते कटेरों व जेसीबी
01एसडीएन85पी, 85पी, 86पी व 87पी-धनखरपुर में कब्रिस्तान के रूप में इस्तेमाल करने की बात कहते अब्दुल जब्बार,, हबीब अहमद, मैनुद्दीन व अनवारूल हसन ।
कैबिनेट मंत्री की जमीन को प्रशासन ने खाली करवाया
विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में आम के 45 हरे पेड़ काटे गए
अमर उजाला ब्यूरो
डुमरियागंज। कैबिनेट मंत्री जयप्रताप सिंह की जमीन को अधिकारियों की मौजूदगी में खाली करवाया गया। शनिवार को इस कार्रवाई के दौरान मंत्री के पुत्र अभय प्रताप सिंह जहां उपस्थित रहे वहीं, मौके पर एसडीएम, सीओ, पांच थानों की पुलिस व वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इस कार्रवाई के दौरान आम के 45 हरे पेड़ कटवाए गए।
इससे पूर्व मंत्री जय प्रताप सिंह ने दो साल पहले तहसील प्रशासन की मदद से हदबंदी करवाकर गांव के लोगों से जमीन बैनामा कराने को कहा था। मगर गांव के लोगों ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
कैबिनेट मंत्री जय प्रताप सिंह की जमीन डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के धनखरपुर गांव में है। कई दशक बीतने के बाद जब प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री जय प्रताप सिंह को जमीन पर कब्जा किए जाने की जानकारी मिली तो उन्होंने 2016 में तहसील प्रशासन की मदद से पैमाइश करवाकर अपने जमीन गाटा संख्या 1011 व 1058 रकबा 1.328 हेक्टेयर (करीब पौने चौदह बीघा) की हदबंदी करवा दी। उन्होंने गांववालों से जमीन को बैनामा करवाने को भी कहा। मगर समय बीतने के साथ ही गांव के किसी ने भी जमीन बैनामा कराने को लेकर पहल नहीं की।
मंत्री ने अपनी जमीन को कब्जामुक्त करवाने के लिए प्रशासन से मदद मांगी। शनिवार को एसडीएम राजेंद्र प्रसाद भारी पुलिस फोर्स व वन विभाग के अधिकारियों की मदद से जमीन खाली करवाने गांव पहुंचे जहां आम के 45 हरे पेड़ कटवाए गए। पेड़ काटने की प्रक्रिया देर शाम तक चलती रही। जमीन खाली करवाने आए कैबिनेट मंत्री के बेटे कुंवर अभय प्रताप सिंह ने कहा कि दो साल पहले उनके पिता ने गांववालों से जमीन बैनामा करवा लेने को कहा था। मगर गांववालों ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। इस बार वह पेड़ कटवाने आए हैं। गांव वाले जल्द ही उनके पिता से मिलकर इसका निष्कर्ष निकाल लें। वरना अगली बार जमीन पूरी तरह से खाली करवा दी जाएगी।
डुमरियागंज एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि जमीन पर आम का बाग है। पेड़ को कटवाने के लिए सभी लोग आए। दो साल पहले जमीन की पैमाइश करवाकर हदबंदी करवाई गई थी। जमीन पर एकाध जगह कब्र दिख रही है। मगर कब्रिस्तान होने की जानकारी नहीं है।
डुमरियागंज व इटवा सर्किल के पांच थानों की पुलिस मौजूद
जमीन पर कब्जा हटवाने और पेड़ कटवाने के दौरान किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी या उपद्रव न हो, इसके लिए सुबह करीब 9 बजे ही पूरा धनखरपुर गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। डुमरियागंज सीओ महेंद्र देव सिंह व इटवा के श्रीयश त्रिपाठी के नेतृत्व में डुमरियागंज इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह, भवानीगंज के हरेंद्र पाठक, इटवा के अखिलानंद त्रिपाठी, पथरा के विजय दूबे सहित त्रिलोकपुर, गोल्हौरा आदि थानों के इंस्पेक्टर गांव में फोर्स सहित तैनात थे। एक प्लाटून पीएसी के जवान और फायर सर्विस की दमकल गाड़ी व फायरकर्मी भी मौजूद रहे।
100 साल से जमीन में अपने पूर्वजों को दफनाते आ रहे हैं गांववाले
धनखरपुर गांव निवासी अब्दुल जब्बार ने बताया कि जिस जमीन पर पेड़ कटवाया गया है। उस पर करीब 100 साल से उनके पूर्वज लाश को दफनाते आ रहे हैं। अब जमीन को खाली करवाना वाजिब नहीं है। मैनुद्दीन और हबीब अहमद ने कहा कि यह जमीन उनके परदादा के जमाने से इस्तेमाल हो रही है। इस जमीन पर उनके पूर्वजों के अलावा उन लोगों द्वारा पेड़ लगाया गया था। जिसे कटवाया जा रहा है। अनवारूल हसन ने कहा कि बेशक जमीन मंत्री जी की थी। मगर उनके पूर्वजों को वह जमीन दान में दे दी गई थी। पुराने जमाने में लिखा-पढ़ी नहीं होती थी। उन्होंने कह दिया था, इसलिए हम उसे कब्रिस्तान के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे। मगर अब उसे खाली करवाना समझ से परे है। गांव के बुजुर्ग व अन्य लोग मंत्री के पास जाकर उनसे जमीन कब्रिस्तान के नाम देने की विनती करेंगे।