सिद्धार्थनगर। राज्य कर्मचारी का दर्जा और मानदेय वृद्धि सहित 16 सूत्री मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं व सहायिकाएं तीसरे दिन बुधवार को भी कलेक्ट्रेट में धरने पर डटी रहीं। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी दी कि तब तक वह काम पर नहीं लौटेंगी, जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती।
आंगनबाड़ी कर्मचारी व सहायिका एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित धरने में वक्ताओं ने कहा कि तीन दिनों तक कार्य बहिष्कार और धरने के बाद भी शासन के उपेक्षात्मक रुख ने यह साफ कर दिया है कि सरकार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के हित की कोई चिंता नहीं है। सरकार को यह उपेक्षा भारी पड़ेगी। पूर्ववर्ती सरकार को इसी का खामियाजा भुगतना पड़ा था और यही क्रम रहा तो साल 2019 में भी भाजपा को मुंह की खानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि 17 जुलाई को संगठन के पदाधिकारियों ने सीएम से मुलाकात कर ज्ञापन दिया था। 17 अगस्त को लखनऊ में प्रदर्शन कर दोबारा मांग पत्र सौंपा। सरकार ने वादा किया था कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पूरा सम्मान दिया जाएगा, लेकिन एक माह का समय बीतने के बाद भी सरकार ने कोई फैसला नहीं किया है। अगर सरकार मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं करती तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी बनाने के लिए बाध्य होंगे। धरने में प्रदेश महामंत्री प्रभावती देवी, प्रदेश संरक्षक मकबूल आलम, प्रदेश कोषाध्यक्ष जरीना खातून, जिला महामंत्री किरन गुप्ता, पूनम त्रिपाठी, शिमला मौर्य, किरन श्रीवास्तव आदि शामिल रहीं।
डुमरियागंज। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका एसोसिएशन के आंदोलन का क्षेत्र में भी असर बना हुआ है। लगातार तीसरे दिन भी कार्यकर्ताओं ने सीडीपीओ कार्यालय पर ताला बंद रखा। कार्यालय के समक्ष नारे लगाए और मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। इस दौरान ब्लाक अध्यक्ष बिंद्रावती ने कहा कि जब तक प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर धरना प्रदर्शन चलेगा, तब तक ब्लाक क्षेत्र में परियोजना कार्यालय पर ताला जड़ा रहेगा। अगर कोई आगंनबाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका एसोसिएशन के आह्वान के विपरीत काम करेगी तो संगठन उससे सख्ती से पेश आएगा। इस दौरान डॉ. शीष कुमार गौतम, राधिका देवी, किरन श्रीवास्तव, कमलावती, गीता देवी, उर्मिला देवी, नुजहत फातिमा, मुनिया देवी, शकुंतला, जाकिया बेगम, माया देवी, प्रमिला, शोहरती देवी, संध्या और अनीता आदि मौजूद रहीं।