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किसान दिवस में हंगामा, भाकियू ने की नारेबाजी

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सिद्धार्थनगर। किसान दिवस में तय समय से घंटों बीतने के बाद भी बैठक शुरू न किए जाने से बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। भड़के भाकियू कार्यकर्ताओं ने अफसरों को खरी-खोटी सुनाई। बैठक का बहिष्कार कर विकास भवन गेट पर पहुंच गए। विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रवेश मार्ग को जाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक हंगामा चला। मौके पर पहुंचे डीएम के आश्वासन के बाद गुस्साए कार्यकर्ता शांत हुए। तब जाकर बैठक शुरू हुई।
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प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को किसान दिवस में बैठक आयोजित होता है। दोपहर 12 बजे से अंबेडकर सभागार में बैठक का समय निर्धारित था। इसी समय शांति समिति की बैठक शुरू हुई। किसान दिवस में शामिल होने आए किसानों ने कुछ देर तक तो इंतजार किया, लेकिन इसके बाद देरी होने पर शोर शराबा करने लगे। डीडी कृषि डॉ. पीके कन्नौजिया उन्हें यह कहते हुए विकास भवन सभागार में ले गए कि जल्द ही बैठक शुरू होगी। काफी देर तक जब बैठक शुरू नहीं हुआ तो भाकियू कार्यकर्ता भड़क उठे। व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए हंगामा मचाने लगे। अफसरों के खिलाफ नारे लगाते हुए कार्यकर्ता विकास भवन गेट पर पहुंचे और मार्ग जाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक हंगामा चला। इस बीच शांति समिति की बैठक खत्म कर डीएम कुणाल सिल्कू बाहर निकले। जाम में उनका वाहन भी फंस गया। प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। त्योहारों में नए निर्देशों के कारण शांति समिति की बैठक को अनिवार्य बताते हुए किसानों की समस्याओं पर भी गंभीरता से काम करने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। जैसे-तैसे करीब दो बजे फिर से अंबेडकर सभागार में बैठक शुरू हो पाई। विरोध प्रदर्शन में भाकियू अराजनैतिक गुट के जिलाध्यक्ष इश्तियाक अहमद, नरसिंह पांडेय, मो. इस्लाम, राकेश कुमार श्रीवास्तव, रामसमुझ गुप्ता, मुरलीधर, राजेंद्र प्रसाद, रामसेवक, श्रवण कुमार, घनश्याम चौरसिया, संपूर्ण, सूर्यनारायण यादव, ज्वाला प्रसाद, भानु गुट के अनिल राव, जोगेंद्र, पंकज वर्मा, विद्या प्रसाद, बसंत साहनी, भारतीय-किसान मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष शंभू प्रसाद तिवारी आदि शामिल रहे।

सिंचाई, आपूर्ति, बिजली विभाग पर जताया रोष
सिद्धार्थनगर। हंगामे के बाद अंबेडकर सभागार में शुरू हुए किसान दिवस में सिंचाई, बिजली आपूर्ति व कोटे के खाद्यान्न वितरण में अनियमितता का मुद्दा प्रमुखता से उठा। किसानों ने कहा कि फसलों को सिंचाई की जरूरत है, लेकिन नहरों में पानी नहीं। बिजली आपूर्ति भी सुचारु नहीं है, जिससे नलकूप या निजी साधनों का इस्तेमाल किया जा सके। छह से आठ घंटे की विद्युत आपूर्ति से उपभोक्ता बेहाल हैं। किसानों ने बांधों की मरम्मत के नाम पर धांधली का आरोप लगाया। इसके अलावा लोटन में गैस एजेंसी से उज्ज्वला योजना के तहत लाभार्थियों को अब तक कनेक्शन व पासबुक न देने, बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा देने, राशन कार्ड की सूची में जोड़े गए नए अंत्योदय कार्डधारकों का सत्यापन कराने, बिना म।ान्यता संचालित स्कूलों पर कार्रवाई करने की मांग की। बैठक में उप निदेशक कृषि डॉ.पीके कन्नौजिया सहित अन्य विभागों के अफसर मौजूद रहे।
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