सिद्धार्थनगर। जिला पंचायत समिति ने गुरुवार को वित्तीय सत्र 2017-18 के लिए प्रस्तावित 76.41 करोड़ के संतुलित बजट को मंजूरी दी है। जिला पंचायत विभिन्न स्रोतों से अर्जित होने वाली यह आय वर्ष 2016-17 की पुनरीक्षित आय से 382875 रुपये अधिक है। गत वर्ष जिला पंचायत ने कुल 76.37 करोड़ की आय अर्जित की थी। बजट बैठक में मनरेगा को लेकर लंबे समय से चला आ रहा गतिरोध भी दूर कर लिया गया। सभी सदस्यों से दो दिनों में मनरेगा के प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा गया है, जिससे उसे स्वीकृति दिलाकर काम आरंभ कराया जा सके।
दस दिन पूर्व हुई बैठक के हंगामे की भेंट चढ़ने के बाद शनिवार को फिर से आयोजित बजट जिला पंचायत सभागार में सुबह साढ़े 11 बजे से शुरू हुई। सदस्यों ने फिर से मनरेगा का मुद्दा उठाया। बीते सत्र में मनरेगा के प्रस्तावों को मंजूरी न देने पर नाराजगी जताते हुए सीडीओ से अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए सीडीओ अनिल कुमार मिश्र ने पुरानी खामियों को दूर करते हुए सभी सदस्यों ने दो दिनों में नए प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा। अपर मुख्य अधिकारी को निर्देशित किया कि इन प्रस्तावों को एकत्रित कर शीघ्र प्रस्तुत करें, जिससे समय से काम आरंभ हो सके।
बैठक के दौरान सदस्यों ने मनरेगा में 60-40 के अनुपात का पालन न होने का भी आरोप लगाया। तौलेश्वर निषाद, सलाम चौधरी, सत्यनारायण यादव, गंगा मिश्र आदि ने कहा कि अफसर चहेती संस्थाओं को लाभान्वित करने के लिए इस अनुपात को तोड़ते हैं, फिर बाद में जिला पंचायत या क्षेत्र पंचायत को सिर्फ श्रम का पैसा देकर इसे मेंटेंन करते हैं। आरईएस को इसी तरह विशेष रुप से उपकृत करने का आरोप लगाया। विधायक डॉ. सतीश द्विवेदी ने मनमानी पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए और अनुपात का हर हाल में पालन करने की हिदायत दी।
मो. उमर ने बाल पोषाहार के पशु आहार बनने का मुद्दा उठाया। विधायक ने हर हाल में पोषाहार का वितरण सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया। महेश कन्नौजिया ने लोटन में चार माह पहले लोकार्पण के बावजूद स्वास्थ्य केंद्र चालू न करने पर आपत्ति जताते हुए विभागीय अफसरों से जवाब मांगा। बैठक में विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, मु. सईद भ्रमर, अजय सिंह, निरंकार सिंह, दीनेंद्र दत्त, शांति पासवान, शफीक अहमद आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष गरीबदास ने की।