संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए हर घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने वर्ष 2019 में हर घर नल योजना का शुभारंभ किया। सरकार ने संबंधित कार्यदायी संस्था के साथ ही जल निगम के जिम्मेदारों को वर्ष 2024 तक हर घर तक लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया था।
विभागीय उदासीनता या फिर कार्यदायी संस्था की मनमानी के चलते निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा होता नहीं दिख रहा है। इसका उदाहरण भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र के 111 ग्राम पंचायतों के 206 गांवों की करीब तीन लाख आबादी को अभी भी शुद्ध पेयजल का इंतजार करना पड़ेगा।
ब्लाॅक क्षेत्र के 111 ग्राम पंचायतों के करीब तीन लाख की आबादी को शुद्ध पेयजल के लिए 71 पानी की टंकी बनाने का लक्ष्य है, जिसमें कागजी आंकड़ों के अनुसार केवल 10 ही संचालित हैं, बाकी 61 टंकी अभी अधूरी हैं। ब्लाॅक क्षेत्र के डुमरिया, बुढ़ियाटायर में बना वाटर टैंक का बोरवेल, बाउंड्रीवाल, पंप हाउस के साथ ही सोलर पैनल लगा है।
पानी की आपूर्ति के लिए पाइप लाइन भी बिछाई गई है, मगर अभी टंकी निर्माण का कार्य आरंभ नहीं हुआ है।
सेमरा बनकसिया में बन रही पानी की टंकी से सेमरा बनकसिया, महुआ खुर्द, कलीचक आदि गांवों के करीब पांच हजार की आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। कार्यदायी संस्था की मनमानी के कारण सात माह से कार्य बंद है, जिससे केवल पाइप लाइन बिछाकर बोरवेल, अधूरी बाउंड्रीवाल, तक का ही कार्य हो सका है।
इसी क्रम में बिजवार बढ़ई, बरगदवा, महतिनियां खुर्द आदि 61 टंकी का निर्माण कार्य अधर में है। ऐसे में लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए इंतजार करना पड़ेगा। क