गांव की सरकार चुनने के लिए शनिवार को हुए पहले चरण के मतदान में वोटरों ने जमकर उत्साह दिखाया। जिले के चार ब्लॉकों में 67.22 प्रतिशत मतदान हुआ है। वोटिंग का यह आंकड़ा पिछले माह हुए बीडीसी चुनाव से आठ प्रतिशत अधिक है। मतदान के दौरान फर्जी वोटिंग को लेकर कई स्थानों पर छिटपुट घटनाएं हुई।
इससे मतदान भी बाधित रहा। देर शाम मतदान समाप्ति के बाद मतपेटीकाओं को सील कर ब्लॉक मुख्यालयों पर बने स्ट्रांग रूम में बंद कर दिया गया है। अब 13 दिसंबर को यह तय होगा कि जनता जर्नादन ने गांव की कमान किसे सौंपी है।
मतदान को लेकर चारों ब्लॉकों में सुबह से ही बूथों पर भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। शुरुआती चार घंटो में ही 28 फीसदी से अधिक वोट पड़ चुके थे। बर्डपुर ब्लॉक में भावपुर महदेइया बूथ पर सुबह साढ़े नौ बजे राशन कार्ड के आधार पर मतदान को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि फर्जी तरीके से राशन कार्ड में नाम जोड़कर वोट डलवाए जा रहे हैं। विवाद के चलते यहां मतदान रोक दिया गया। सूचना पर कपिलवस्तु कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे बाद दोबारा मतदान आरंभ हुआ। इसी ब्लॉक के बर्डपुर नंबर 13 में भी फर्जी वोटिंग को लेकर विवाद से करीब आधे घंटे तक मतदान प्रभावित रहा। रमवापुर गांव में प्रत्याशी समर्थकों के बीच नोक-झोंक से दस मिनट तक मतदान रुका रहा। इसी तरह उसका बाजार ब्लॉक के छितरापार बूथ पर फर्जी वोटिंग से उपजे विवाद में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया। मदनपुर बूथ पर मतदाता सूची में गड़बड़ी से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। एसडीएम राजितराम प्रजापति ने मौके पर पहुंच कर लोगों को शांत कर वोटिंग के लिए राजी किया। सुगही और नगवां में एजेंटो के विवाद से कुछ देर के लिए मतदान प्रभावित रहा। मतदान के अंतिम चरण में देर शाम नौगढ़ ब्लॉक के धेंसा नानकार गांव में फर्जी वोटिंग को लेकर विवाद हो गया। सेक्टर मजिस्ट्रेट ने प्रत्याशी पति देवेंद्र गुप्ता व उनके पुत्र को हिरासत में लेकर नौगढ़ ले आए।