सिद्धार्थनगर। जिले में नौ वर्ष से ऊपर के ड्राप आउट बच्चों को चिह्नित कर उनको शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए बीएसए राम सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को आंबेडकर सभागार में सभी बीईओ व संकुल प्रभारियों की बैठक हुई। इसमें यूनिसेफ के शिक्षा विशेषज्ञ ऋत्विक पात्रा ने बताया कि यदि कोई बच्चा 45 दिन या उससे अधिक समय से स्कूल नहीं आ रहा है तो उसे आउट ऑफ स्कूल दर्शाया जाएगा। भले ही वह बच्चा पूर्व में स्कूल में नामांकित रहा है।
बाल अधिकार के अंतर्गत उसे शिक्षा पाने का अधिकार है। ड्रॉप आउट बच्चों को स्पेशल ट्रेनिंग की जरूरत है। हाउस होल्ड सर्वे में विकलांग बच्चे छूटने न पाएं इसका भी विशेष ध्यान रखा जाए। विशेष सर्वे के माध्यम से तीन दिन के भीतर ड्रॉप आउट बच्चों की खोज करना है। इसमें विद्यालय प्रबंध समिति की मदद लेनी चाहिए। बीएसए राम सिंह ने कहा कि इस सर्वे का उद्देश्य सभी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का है।
संकुल प्रभारियों की जिम्मेदारी है कि विद्यालय से संबंधित जो भी सूचना उनसे मांगी जा रही है उसे समयबद्ध उपलब्ध कराएं। कहा कि विद्यालय में बच्चों के साथ मैत्री पूर्ण माहौल का निर्माण कर शिक्षा दें। शिक्षक समाज में रचनाकार के रूप में माना जाता है इसलिए सकारात्मक भावों के साथ अपने कार्यों को पूर्ण मनोयोग से कार्य करें। बीईओ एसपी सिंह, चंद्रभूषण पांडेय, अभिमन्यु, सीमा पांडेय, रीता गुप्ता, पंकज मौर्या, विजय आंनद, शिवकुमार, गोपाल जी मिश्र, डीसी सुरेंद्र श्रीवास्तव, अभय श्रीवास्तव, संकुल प्रभारी रूपेश सिंह, दिनेश मिश्रा, बालजीत कुमार, मुस्तन शेरुल्लाह, सुधाकर मिश्रा, संतोष श्रीवास्तव, हरिशंकर सिंह, आशीष सिंह, विजय तिवारी, पंकज त्रिपाठी, अखिलेश सिंह, लाल बहादुर, अंशुमान सिंह, विजय चौधरी आदि मौजूद रहे।