सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज ब्लॉक लाए गए अविश्वास प्रस्ताव की आंच राजभवन पहुंच गई है। सपा नेता और एमएलसी अहमद हसन की लिखित शिकायत के बाद राज्यपाल रामनाईक ने इस बाबत मुख्यमंत्री को समुचित प्रभावी कार्रवाई को कहा है। राज्यपाल ने यह पत्र 18 अगस्त को लिखा है, जिसके चार दिनों बाद अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी। हालांकि बाद में बाढ़ के कारण चर्चा को स्थगित कर दी गई है। राज्यपाल के हस्तक्षेप का क्या असर होगा, यह तो स्पष्ट नहीं, मगर डुमरियागंज ब्लाक में प्रमुख पद की लड़ाई रोचक जरूर हो गई है।
डुमरियागंज ब्लाक प्रमुख मिट्ठू यादव को अपदस्थ करने के लिए भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र मणि त्रिपाठी की बहू मांती त्रिपाठी के नेतृत्व में बहुमत से अधिक सदस्यों ने डीएम को प्रस्ताव सौंपा था। इस पर चर्चा व गुप्त मतदान के लिए 22 अगस्त की तिथि तय की गई थी। जीत तय करने के लिए दोनों ही खेमों में उठापटक जोरों पर थी। ब्लाक प्रमुख खेमे के लोगों पर लगातार बीडीसी सदस्यों के अपहरण के आरोप लगे, मुकदमे भी दर्ज हुए। इसके बाद प्रमुख खेमे ने पार्टी नेतृत्व को पूरे मामले से अवगत कराया था। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने राज्यपाल को पत्र लिखकर सत्ता के प्रभाव से मिट्ठू यादव को जबरन प्रमुख पद से इस्तीफा दिलाने व बीडीसी सदस्यों पर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में दबाव डालने की शिकायत की थी।
प्रमुख के विरोध में आया प्रधान संघ
डुमरियागंज। ब्लाक प्रमुख के विरोध में प्रधान संघ भी आ गया है। संघ के मंडल अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष ने मंगलवार को पीडब्लूडी डाक बंगले में विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह से भेंटकर भाजपा समर्थित प्रत्याशी मांती त्रिपाठी को समर्थन देने का ऐलान किया। प्रधान संघ के मंडल अध्यक्ष ताकीब रिजवी ने कहा कि वर्तमान ब्लाक प्रमुख के यहां न तो ग्राम प्रधान और न ही बीडीसी सदस्यों का सम्मान है। इस मौके पर ग्राम प्रधान सतेंद्र उर्फ बबलू पांडेय, विमल कुमार उर्फ गुड्डू पांडेय, इश्तियाक अहमद, रामप्रसाद चौधरी, अजय श्रीवास्तव, मो.शमीम और इसहाक अंसारी आदि मौजूद रहे।