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नम आंखों से दरोगा विकास को दी श्रद्धांजलि

Mon, 27 Aug 2018 11:09 PM IST
siddharthnagar
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सदर थ्ााने पर आयोजित शोकसभा में शामिल पुलिस कर्मी। - फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। पुलिस लाइंस व जिले के सभी थानों में सोमवार को शोकसभा का आयोजन कर दरोगा विकास सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। उन्होंने 26 अगस्त की शाम गोरखपुर में सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली थी।
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देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र के राउतपार अमेटिया गांव निवासी दरोगा विकास सिंह (35) जिले के गोल्हौरा थाने में तैनात थे। परिवार के लोग गोरखपुर के विवेकपुरम कॉलोनी मेें रहते हैं। 25 अगस्त की सुबह व वीआईपी ड्यूटी में गोरखपुर गए थे। शाम को वह गोरखपुर स्थित आवास पर पहुंचे। 26 अगस्त की शाम उन्होंने सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली। विकास की मौत की खबर से जिले के पुलिसकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई।

एसपी डॉ. धर्मबीर सिंह की अगुवाई मेें सोमवार को पुलिस कार्यालय पर शोकसभा का आयोजन किया गया। इसमें एएसपी मुन्ना लाल सिंह, सीओ सदर दिलीप कुमार सिंह, पेशकार अरविंद कुमार दुबे समेत सभी पुलिसकर्मी शामिल हुए। यूपी-100 कार्यालय पर प्रभारी हरिश्चंद भारती की अध्यक्षता में पुलिसकर्मियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सदर थाना में प्रभारी थानाध्यक्ष चंदन कुमार, उसका में एसओ अनिल प्रकाश पांडेय, लोटन अनिल कुमार शर्मा, मोहाना आलोक कुमार श्रीवास्तव, कपिलवस्तु एसके सरोज, चिल्हिया ब्रह्मानंद गौंड, शोहरतगढ़ रणधीर कुमार मिश्र, ढेबरुआ आरबी सिंह, इटवा अखिलानंद उपाध्याय, त्रिलोकपुर हरिनारायन दीक्षित, डुमरियागंज प्रदीप सिंह, भवानीगंज हरेंद्र पाठक, पथरा विजय कुमार दुबे, मिश्रौलिया मनोज सिंह, बांसी रविंद्र कुमार सिंह, खेसरहा राधेश्याम राय, जोगिया डीसी चौधरी, गोल्हौरा में प्रभारी थानाध्यक्ष संदीप राय की अगुवाई में शोकसभा हुई।
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विकास के हंसमुख स्वभाव से हर कोई हो जाता था प्रभावित
सिद्धार्थनगर। विकास सिंह की मौत से गोल्हौरा थाने में तैनात पुलिसकर्मी सदमे में हैं। उनके समझ में यह नहीं आ रहा है कि हंसमुख स्वभाव के विकास ने आखिर आत्मघाती कदम क्यों उठाया।गोल्हौरा के प्रभारी थानाध्यक्ष संदीप राय ने बताया कि विकास सिंह की मौत की खबर पर पहले उन्हें विश्वास नहीं हुआ। खुद को गोली मार लेने की बात पर वे भरोसा नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने कहा कि विकास सरल और हंसमुख स्वभाव के थे। उनके स्वभाव से हर कोई उनसे प्रभावित हो जाता था। अपनी ड्यूटी को लेकर वह ईमानदार थे। विकास की मौत से पुलिस विभाग को अपूर्णनीय क्षति हुई है। थाने में तैनात हेड कांस्टेबल जगदीश पांडेय ने कहा कि विकास सिंह अपना दायित्व पूरी ईमानदारी से निभाते थे। एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि क्षेत्र के तिवारीपुर गांव में एक मामले में उन्होंने अकेले आरोपियों को दौड़ाकर धर दबोचा था।
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