संवाद न्यूज एजेंसी
इटवा। अवैध और कागजों में हेराफेरी करके सरकारी भूमि पर हुए कब्जे पर प्रशासन की नजर पड़ गई है। अभियान चलाकर अवैध कब्जा हटाने के साथ- साथ सरकारी भूमि पर हुए कब्जे जैसी खेती आदि से बेदखल करने का काम प्रशासन तेजी से कर रहा है। मंगलवार को इटवा तहसील प्रशासन की टीम ने क्षेत्र के कोटखास गांव में पहुंचकर 45 बीघा भूमि चिह्नित की। इस पर काबिज लोगों ने फसल लगा ली है।
तहसीलदार की अगुवाई में पैमाइश की गई और कब्जा करने वालों को जल्द जमीन खाली करने का निर्देश दिया गया। लोगों के मुताबिक इस गांव में 100 बीघा से अधिक भूमि पर लोग काबिज हैं, और खेती कर रहे हैं। अगर जांच होगी तो और सरकारी भूमि पर कब्जा पाया जाएगा। इटवा तहसील प्रशासन की ओर से अभिलेखों की जांच में क्षेत्र के कोटखास गांव में सरकारी भूमि पर कब्जा होने की बात सामने आई थी। मंगलवार को तहसीलदार इटवा देवेंद्र मणि त्रिपाठी की अगुवाई में कोटखास गांव के एक गाटा सहित बंजर भूमि के 45 बीघे पर हुए अवैध कब्जे को चिह्नित किया गया।
भूमि की पैमाइश से कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया। एक- एक करके लेखपालों की मदद से जमीन की जांच की गई। बताया जाता है कि इस ग्राम में लगभग 100 बीघा जमीन पर लोगों का कब्जा है। इस पर एक लंबे अरसे से कुछ अवैध तरीके से कब्जे में लेकर खेती बाड़ी कर रहे हैं।
इस दौरान राजस्व निरीक्षक रमेश कुमार चौधरी, सच्चिदानंद मिश्रा, अजय चौरसिया, गिरीश चंद्र, विवेक यादव, पन्ना लाल यादव, सूर्य प्रकाश त्रिपाठी आदि लेखपाल मौजूद रहे।