भनवापुर। ब्लाॅक क्षेत्र के 30 गांवों में बुधवार को छाया एकीकृत वीएचएसएनडी टीकाकरण सत्र का आयोजन किया गया। शिविर में उपस्थित एएनएम ने 417 बच्चों का टीकाकरण के साथ ही 169 गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व जांच व टीकाकरण किया गया।
अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने क्षेत्र के मल्दा, डोकम अमया व हरिबंधनपुर पहुंचकर टीकाकरण सत्र का औचक निरीक्षण किया तथा एएनएम के द्वारा दी गई सेवाओं का सत्यापन भी किया। अधीक्षक ने ग्राम मल्दा में एएनएम तथा आशा बहू की ड्यू लिस्ट व लॉजिस्टिक को चेक किया तथा ग्रामीणों को संस्थागत प्रसव, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान व क्षय रोग के मुख्य लक्षण के बारे में जानकारी दी।उन्होंने बताया कि दो सप्ताह से अधिक खांसी आना, शाम को बुखार होना।
वजन कम होना, बलगम में खून आना, सीने में दर्द आदि क्षय रोग के लक्षण है। अधीक्षक ने बताया कि क्षय रोग का इलाज व सभी जांचें निःशुल्क है तथा इलाज के दौरान निश्चय पोषण योजना के तहत मरीज को ₹6000 का आर्थिक सहयोग भी किया जाता है। उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी बच्चों की उम्र,वजन व लंबाई के अनुसार कुपोषित व अतिकुपोषित सूची तैयार करें तथा सत्र पर ले आकर एएनएम से चिकित्सीय इलाज व परामर्श दिलवाने में सहयोग करें।
बीसीपीएम मेराज अहमद तथा बीएमसी सूर्यदेव सिंह ने बताया कि एएनएम व आशा बहू प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से वैक्सीन का लाभ न लेने वाले परिवार के घर जाकर वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित करें तथा संस्थागत प्रसव, नवजात शिशु व बच्चों के देखभाल कार्यक्रम पर ध्यान दे। इस दौरान गुंजन मिश्रा, आख्या पांडेय, कमलावती, निर्मला चौधरी, मीना, ज्योति, कमला देवी रहीं।