5000 से अधिक किसानों के खाते से ‘लौट गए’ रुपये
किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिली थी राशि
अब विभाग चेकलिस्ट से करेगा मिलान
फिर से होगा किसानों का सत्यापन
नीरज मिश्र
सिद्धार्थनगर। किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली दो हजार की राशि किसानों के खाते में आकर लौट गई। पहले तो किसानों के मोबाइल पर अकाउंट में दो हजार की राशि जमा होने के मैसेज आए। लेकिन जब किसानों ने अकाउंट चेक किया तो रकम नहीं थी। ऐसे किसानों की संख्या जिले में 5000 से ऊपर हैं। जबकि विभाग लगातार यह दावा कर रहा था कि 63 हजार किसानों के खातों में दो-दो हजार की पहली किस्त आ चुकी है। फिलहाल, विभाग अब चेकलिस्ट से किसानों की सूची का मिलान करने की तैयारी में जुट गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरिम बजट में किसानों को सौगात देते हुए बीज और खाद के लिए छह हजार रुपये देने की घोषणा की। बजट में घोषणा होते ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ऐसे किसानों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए, जो किसान सम्मान निधि योजना के दायरे में थे। जिले में पहले चरण में करीब एक लाख किसानों की सूची तैयार की गई। इसके बाद 24 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर से योजना की शुरुआत की। दावा किया गया कि योजना के तहत पहले चरण में 63 हजार किसानों के खाते में राशि भेजी गई है। लेकिन इन 63 हजार किसानों में करीब पांच हजार से अधिक किसान ऐसे भी हैं, जिनके खाते में रकम आने के बाद भी लौट गई। जबकि इन किसानों के मोबाइल पर रुपये जमा होने के मैसेज भी आए थे। किसान रामसुमेर ने बताया कि योजना के दिन खाते में दो हजार रुपये जमा होने के मैसेज आए थे। लेकिन जब अकाउंट चेक किया तो रकम नहीं थी। कुछ ऐसी ही कहानी परसा के हरिहर, अमीनुल्लाह, बगेदू आदि ने भी बताई। कहा कि मैसेज आने के बाद रुपये चेक किया गया तो अकाउंट में रुपये नहीं थे।
नाम और पते के चक्कर में हुई हैं गलती
जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि नाम और पते के चक्कर में काफी किसानों के खाते से रकम लौट गई है। यह जानकारी लगातार मिल रही है। ऐसे किसानों की संख्या 5000 के करीब बताई जा रही है। बताया कि आधार कार्ड का मेल न खाना भी बड़ा कारण है। इसके अलावा अकाउंट में कुछ और नाम खतौनी में कुछ और नाम होना भी कारण है।
चेकलिस्ट होगा मिलान
जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि लखनऊ से चेक लिस्ट मंगवाई जा रही है। इसके बाद किसानों की सूची और चेक लिस्ट से मिलान किया जाएगा। मिलान के बाद ऐसे किसानों का सत्यापन कराया जाएगा और उनके खाते में फिर से रकम भेजी जाएगी।