अधिवक्ताओं के विरोध्ा के चलते कलेक्ट्रेट में रही गहमागहमी।
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय के सामने बृहस्पतिवार पूर्वाह्न 11 बजे बड़ी संख्या में अधिवक्ता जुटे और डीएम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ये लोग स्थानांतरण के बाद भी नायब तहसीलदार सदर को रिलीव न किए जाने को लेकर नाराज थे। तनावपूर्ण स्थिति देखते हुए डीएम के आदेश पर तीन थानों की पुलिस व क्यूआरटी टीम कलेक्ट्रेट पहुंची। इसके बाद करीब एक घंटे चली वार्ता में डीएम कुणाल सिल्कू ने अधिवक्ताओं को नायब तहसीलदार के काम से कोई भी दिक्कत होने पर उनसे इसकी शिकायत करने को कहा और आश्वस्त किया कि अधिवक्ताओं को कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। प्रयास किया जाएगा कि माह के अंत नायब तहसीलदार को रिलीव कर दिया जाए। इसके बाद अधिवक्ता काम पर लौटे। अधिवक्ताओं का कहना था कि अगर नायब तहसीलदार को रिलीव नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस आंदोलन के कारण करीब दो घंटे तक तनाव की स्थिति बनी रही।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यदेव सिंह ने कहा कि सदर तहसील में तैनात नायब तहसीलदार अश्वनी कुमार के गलत कार्यों की जांच की मांग की गई थी। तत्कालीन एसडीएम सदर ने मामले की जांच में आरोप सत्य पाए जाने पर नायब तहसीलदार को इटवा तहसील में भेज दिया गया था। मगर वह वहां नहीं गए। अन्यत्र भेजने के लिए चार बार कहा गया, लेकिन आश्वासन ही मिल रहा है। इस दौरान उक्त नायब तहसीलदार का स्थानांतरण बाराबंकी जिले में हो गया है। मगर सरकार के आदेश का पालन नहीं हो रहा है। अभी तक उन्हें गैर जनपद के लिए रिलीव नहीं किया गया। रिलीव करने की मांग को लेकर न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया गया। अगर जल्द उक्त नायब तहसीलदार को रिलीव नहीं किया गया तो संघ आगे व्यापक विरोध करेगा।
इस दौरान अधिवक्ता गणेश मणि त्रिपाठी, नागेंद्र नाथ चौबे, सुशील मणि त्रिपाठी सहित भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। वहीं, तनाव को देखते हुए एएसपी मुन्ना लाल सिंह, सीओ सुनील कुमार सिंह, एसओ सदर शमशेर बहादुर सिंह, प्रभारी थानाध्यक्ष उसका रणंजय सिंह, एसओ जोगिया डीसी चौधरी, एसआई जितेंद्र कुमार मिश्र, चौकी इंचार्ज पुरानी नौगढ़ हरेंद्र पाठक, एसआई रिंकू तिवारी सहित भारी संख्या में फोर्स मौजूद रही।