विकास भवन परिसर में बैठक करते सफाई कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। विकास भवन परिसर में रविवार को पंचायती राज विभाग के ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ की बैठक हुई। पंचायती राज निदेशक की ओर से चार दिन पूर्व जारी योग्यता संबंधी पत्र पर असंतोष जताते हुए कोर्ट की शरण लेने का निर्णय लिया गया।
बैठक के दौरान रणजीत कुमार ने कहा कि वर्ष 2008 में नियुक्ति के समय शैक्षिक योग्यता सिर्फ साक्षर मांगी गई थी। लिहाजा अधिकांश अभ्यर्थियों ने आठवीं, दसवीं तक की डिग्री का ही उल्लेख किया था। शासन ने उसे ही अंतिम योग्यता मानने का निर्देश दिया है, जबकि तमाम सफाईकर्मी उससे अधिक योग्यता रखते हैं। छह मार्च को जारी पंचायती राज निदेशक का फरमान सफाई कर्मचारियों की शैक्षिक योग्यता का अपमान है।
इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस फरमान के खिलाफ सफाई कर्मचारी संघ जल्द ही कोर्ट में वाद दायर करेगा। फरवरी माह का वेतन अविलंब निर्गत करने सातवें वेतन आयोग के बकाया एरियर का भुगतान जल्द कराने की भी मांग की।बैठक में विजय कर पाठक, रामनयन प्रजापति, महंगू प्रसाद, सच्चिदानंद, अशोक कुमार, राजू गौतम, उमेश, राजकुमार, बृजेश कुमार, आनंद पांडेय, सदावृक्ष, ध्रुवचंद, अजीत कुमार, दिनेश आदि मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता अश्वनी पाठक ने की।