सिद्धार्थनगर। धान खरीद की तैयारी को लेकर कवायद शुरू हो गई है। क्रय केंद्र निर्धारण करने की प्रक्रिया चल रही है। शासन ने 16 अगस्त तक केंद्र निर्धारण के लिए निर्देश दिया है और रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। खरीद सुनिश्चित कराने के लिए एक जिला खरीद अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है। उन्हीं की देखरेख में खरीद होगी।
एक अक्टूबर से शुरू होने वाली धन खरीद को लेकर शासन शख्त है। किसानों को वाजिब मूल्य मिले और बिचौलिया राज खत्म हो। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार धान खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता ला रही है। गेहूं खरीद में सफल होने के बाद सरकार अब धान खरीद भी उसी तरह करवाना चाह रही है। विपणन विभाग को जारी किए गए पत्र में संयुक्त सचिव संतोष सक्सेना ने कहा है कि एक अक्टूबर से धान खरीद प्रक्रिया शुरू होगी। खरीद पारदर्शी हो और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए इसे ध्यान में रखते हुए समय से पहले समय सारिणी तैयार की जाए और जिले में धान खरीद के लिए प्रभारी नियुक्त किया। साथ ही 16 अगस्त तक क्रय केंद्रों का चयन सुनिश्ति कर लिया जाए। धान खरीद करने के लिए लक्ष्य के अनुसार धनराशि, बोरा, स्टॉक तथा किसानों की सुविधा आदि धान क्रय के लिए 15 सिंतबर तक व्यवस्था पूरी कर ली जाए। धान खरीद में बिचौलिया राज खत्म करने लिए सांठ-गांठ कर खरीदारी कराने वाले अधिकारी व कर्मचारी को समय रहते चिह्नित कर कार्रवाई करें। किसानों के खरीदे गए धान के मूल्य का भुगतान प्राथमिकता में हैं। उन्हें भुगतान समय भुगतान मिले, इसके मददेनजर संस्थाओं को अग्रिम धनराशि उपलब्ध कार्रवाई की जाएगी, जिससें समय से भुगतान किया जा सके। सभी क्रय केंद्रों पर कंप्यूटर, लैपटॉप, आईपैड, इंटरनेट की व्यवस्था करनी है, जिससे फीडिंग में परेशानी न हो। यह व्यवस्था 31 अगस्त तक पूरा करना अनिवार्य है। यह भी निर्देश दिया गया है कि कार्य में शिथिलता बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में डिप्टी आरएमओ संजय कुमार पांडेय ने बताया क्रय केंद्र बनाए जाने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है। प्रस्ताव आते ही केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।