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जिला पंचायत के कार्यों की जांच को टीएसी गठित

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सिद्धार्थनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही। पिछले दो साल में हुए कार्यों की जांच के लिए शासन ने टीएसी (टेक्निकल ऑडिट कमेटी) गठित कर दी है। यह समिति विभिन्न बिंदुओं पर जांच करेगी। इस निर्देश के बाद जिला पंचायत में खलबली मच गई है। शासन स्तर से जांच में कइयों की गर्दन फंसने की आशंका जताई जा रही है।
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जिला पंचायत में लंबे समय से सपा का कब्जा रहा है। मौजूदा समय में सपा नेता रामकुमार यादव चिनकू के करीबी गरीबदास अध्यक्ष हैं। इससे पहले यह पद चिनकू की पत्नी पूजा यादव के पास था। सत्ता परिवर्तन के बाद से ही जिला पंचायत के कार्यों को लेकर उंगलियां उठती रही हैं। पूर्व में कराए गए कार्यों में व्यापक पैमाने पर अनियमितता की शिकायत शासन स्तर तक की गई थी। आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई कागजी काम हुए हैं, जिनका धरातल पर अस्तित्व ही नहीं है। करीब 80 ऐसे कार्यों का भुगतान भी करा दिया गया है, जो किसी अन्य संस्था ने कराया है। प्रभारी मंत्री चेतन चौहान की अध्यक्षता में आयोजित जिला योजना की बैठक में भी जिला पंचायत की गड़बड़ियों का मामला प्रमुखता से उठा था। उन्होंने भी मामले को गंभीरता से लिया था। अब शासन ने इसकी पड़ताल के लिए टीएसी गठित की है। यह समिति 16 बिंदुओं पर शिकायत की पूरी छानबीन करेगी। माना जा रहा है कि जांच के दौरान कई लोग जद में आएंगे। बहरहाल, जिला पंचायत के एएमए संतोष सिंह ने ऐसी किसी जांच की जानकारी से इनकार किया है। उधर, अध्यक्ष गरीबदास का कहना था कि उन्हें नए टीएसी जांच की जानकारी नहीं है। वैसे वर्ष 2013-14, 14-15 व 15-16 की जांच पहले भी हो चुकी है। इसमें 14-15 की टीएसी जांच भी शामिल रही। जो भी जांच होगी, उसमें पूरा सहयोग किया जाएगा। पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव चंचल कुमार तिवारी जिला पंचायत सिद्धार्थनगर के कार्यों में व्यापक गड़बड़ी की शिकायत प्राप्त हुई थी। इसके लिए टीएसी गठित कर जांच के निर्देश दिए गए हैं। समिति सभी बिंदुओं पर अपनी जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करेगी, इसके आधार पर कार्रवाई होगी।
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