सिद्धार्थनगर। भारतीय किसान यूनियन भानू गुट ने किसानों की समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। मंदसौर घटना की निंदा करते हुए पीड़ित परिवारों को 5 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति देने की मांग की। स्थानीय समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की।
धरने में जिलाध्यक्ष यार मोहम्मद चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के चलते देश का किसान कर्जदार होता जा रहा है और आत्महत्या को मजबूर है। ऐसी दशा में सभी किसानों का बैंक से लिया गया कर्ज पूरी तरह से माफ किया जाना चाहिए। उन्होंने किसान आयोग का गठन कर किसानों को अपने उत्पादों का दाम स्वयं तय करने का अधिकार मिले और 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को बिना भेदभाव के पांच हजार रुपये पेंशन मिलना चाहिए। पूरे देश के गन्ना किसानों का बकाया रकम सूद समेत भुगतान किया जाए और खेती के लिए मुफ्त बिजली व पानी की सुविधा मिले। जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए एग्रीकल्चर सिक्योरिटी फोर्स का गठन कर, किसानों के शिक्षित नौजवानों को प्रशिक्षित किया जाए। राष्ट्रीय महासचिव कपिलदेव राय ने कहा कि किसानों को जवानों की भांति दुर्घटना बीमा का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने जय जवान-जय किसान का नारा बुलंद करते हुए नदियों में गंदे नालों के बहाव पर रोक की मांग की। धरने के दौरान डीएम को भेजे गए पत्र में यूनियन के लोगों ने गेहूं क्रय केंद्रों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए सभी किसानों का गेहूं खरीदने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास खंड खेसरहा के क्रय केंद्रों महुलानी व कलनाखोर में कमीशन न देने के कारण किसानों का गेहूं नहीं खरीदा गया। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इस दौरान बीपत पासवान, समसुस्जोहा, सुदामा, केसरी, रामरती, सूर्यमती, इसरावती, प्रभावती, श्रीकांती, चंद्रावती, धरमी, हरीराम, शिवपूजन और कन्हैयालाल आदि मौजूद रहे।