मानदेय भुगतान की मांग को लेकर संविदा कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से सैकड़ों गांवों में 40 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। गुरुवार की दोपहर से बंद हुई आपूर्ति शुक्रवार की देर शाम तक शुरू नहीं हो पाई थी।
कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर अडिग बने हुए हैं, वहीं अधिकारी मौन हैं। उनका कहना है कि उच्चाधिकारियों से वार्ता की जा रही है। बिजली कटौती से आम जनजीवन बेपटरी हो गया है। पेयजल किल्लत गहरा गई है।
संविदा कर्मचारी दूसरे दिन शुक्रवार को भी परसिया पावर हाउस पर ताला बंद कर धरने पर बैठे रहे। विद्युत संविदा कर्मचारियों ने विद्युत विभाग के एक्सईएन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
धरने पर बैठे विद्युत संविदा कर्मचारी राधेश्याम, मुन्नुर, विजय ङ्क्षसह चौधरी ने कहा कि 40 घंटा बीतने के बाद भी विभाग के अधिकारियों ने अभी तक लोगों की समस्या का समाधान नहीं कराया।
एक वर्ष से विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही व ठेकेदार की मनमानी के चलते हम संविदा कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान अभी तक नहीं हुआ।
बार-बार सिर्फ विभाग के जिम्मेदार अधिकारी संविदा कर्मियों को आश्वासन पर आश्वासन ही देते चले आ रहे हैं। इससे लोगों के आजीविका पर संकट आ गया है।
इस बार हम लोगों का धरना मांग पूरी होने तक जारी रहेगा। जब तक हम लोगों के मानदेय का भुगतान नहीं होगा। तब हम लोग कार्य पर वापस नहीं लौटेेंगे। इस दौरान महमूद, फागु, मनोहर, राजेश, विजय कुमार, महेश, बुधिराम, राजबली, रामदेव, राधेश्याम, अरविंद, चिनक, अंगद, प्रमोद सिंह, बनवारी आदि मौजूद रहे।
उधर, इस संबन्ध में एक्सईएन राममूरत ने कहा कि मानदेय भुगतान कराने के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता की गई है। शीघ्र ही क्षेत्र की आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।