कस्तूरबा गांधी विद्यालय का निरीक्षण करते बीएसए।
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में रात्रि के समय शिक्षकों की उपस्थिति व विद्यालय में बालिकाओं को दी जा रही सुविधाओं की हकीकत जानने के लिए बीएसए ने सघन निरीक्षण किया। इस दौरान कमियों पर उत्तरदायित्व तय करते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया।
बेसिक शिक्षा अधिकारी राम सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारी सीमा पांडेय के साथ सोमवार रात 8.30 पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नौगढ़ में पहुंचे। वार्डेन गीता यादव समेत सभी शिक्षिकाएं उपस्थित मिली। बालिकाओं द्वारा साबुन व शैंपू पर्याप्त न मिलने की शिकायत पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए। उसके बाद 9.15 पर केजीबीवी बांसी का निरीक्षण किया। फुल टाइम टीचर बीना सिंह व सीमा शुक्ला हस्ताक्षर बनाकर गैरहाजिर थीं।
नामांकित 100 के सापेक्ष 63 बालिकाएं उपस्थित थी। शौचालय में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके बाद वह 9.35 पर डायट परिसर बांसी में संचालित केजीबीवी खेसरहा का निरीक्षण किया। फुल टाइम टीचर अपर्णा सिंह व सुनीता गुप्ता हस्ताक्षर बनाकर अनुपस्थित थीं। इसके अलावा रसोईया पूनम देवी जुलाई माह के शुरू से ही विद्यालय नहीं आई हैं। यहां नामांकित 80 के सापेक्ष मात्र 15 बालिकाएं उपस्थित थी। बीएसए ने वार्डन को नामांकन बढ़ाने व नामांकन के सापेक्ष शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया। बीएसए ने कहा कि अनुपस्थित शिक्षकों का मानदेय रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रत्येक केजीबीवी में कार्यरत वार्डेन, शिक्षिका, रसोइया, लेखाकार, चपरासी व चौकीदार के दायित्व निर्धारित किए गए हैं।