डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। विपक्षियों की चौतरफा घेरेबंदी में जुटे सत्ताधारी दल ने अब जिला पंचायत पर निशाना साधा है। जिला पंचायत में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने डीएम को पत्र लिखा है। पत्र के जरिए 10 बिंदुओं पर जिला पंचायत में कार्यों की जांच की मांग की है। इनमें विभिन्न मदों से निर्माण कार्यों के अलावा नियुक्ति व पदोन्नति में भी धांधली शामिल है।
डीएम को लिखे पत्र में विधायक ने कहा है कि जिला पंचायत में रिक्त पदों पर की गई नियुक्ति नियम विरुद्ध है। यहां पदोन्नति में जमकर मनमानी की गई है। लोहिया योजना के तहत कराए गए कार्य भ्रष्टाचार युक्त हैं। राज्य वित्त मेें फर्जी भुगतान व गलत तरीके से कार्य करवाए गए हैं। पिछड़ा निधि योजना के अंतर्गत कराए गए कार्य भी फर्जी ढंग से दर्शाकर भुगतान करा लिया गया है। सड़कों को गड्ढामुक्त करने में जिला पंचायत ने कितना धन व्यय किया, उसके टेंडर प्रक्रिया की भी जांच की जाए। जिला पंचायत से बना रजवापुर कंकाली का पुल 4 साल के भीतर ही ढह गया, इसकी गुणवत्ता संदिग्ध है। डुमरियागंज में बुद्धा चैरीटेबल ट्रस्ट को बिना शासन के अनुमति के ही 30 साल के लिए पट्टा कर दिया गया है, जबकि 10 साल से अधिक पट्टे का नियम ही नहीं है। बीते 5 साल में जिला पंचायत ने जो पुल बनवाया है उनमें अधिकांश का निर्माण ऐसे स्थान पर हुआ है, जहां उपयोग ही नहीं है। दूसरे विभाग से बनी कई सड़कों का भुगतान करा लिया गया है। इन सभी बिंदुओं की गहन जांच कर गड़बड़ी के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए। अध्यक्ष के भी अधिकार सीज किए जाएं। इस संबंध में जिलाधिकारी कुणाल सिल्कू का कहना था कि विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह की ओर से प्राप्त शिकायती पत्र की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई होगी।