नए साल में तीन हजार को मिलेगा आवास का तोहफा
नगरीय क्षेत्र के पीएम आवास के लिए नौ हजार लोगों ने किया था आवेदन
नगर पालिका और नगर पंचायत में लगा था कैंप
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। बिना छत के जीवन यापन कर रहे नगरीय क्षेत्र में रह रहे गरीबों के लिए खुशखबरी है। नए वर्ष पर उन्हें आवास का तोहफा मिल जाएगा। इसके लिए विभागीय कवायद तेज हो गई है और कागजी कार्रवाई का काम भी पूरा हो चुका है। माना जा रहा है कि तीन हजार लाभार्थियों को नए जनवरी माह में आवास की पहली किस्त उनके खाते में मिल जाएगी।
प्रधानमंत्री का सपना है कि देश के हर गरीब के सिर पर अपना छत हो और वह भी खुशहाल जीवन जी सके। लिहाजा, गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना तहत मकान बनवाने के लिए सरकार रुपये दे रही है। इसके लिए कैंप लगाकर उनसे आवेदन ले रही है, जिससे कोई भी गरीब योजना से वंचित न हो सके। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित विभाग से जांच कराई जाती है। इसे लेकर दो नगरपालिका सहित चार नगर पंचायतों में नगरीय विकास अभिकरण के तहत कैंप भी लगाया गया। इसमें नौ हजार आवेदन प्राप्त हुए थे। लेकिन जब मामले की जांच कराई तो लाभार्थियों की संख्या तीन हजार मिली। इन लाभार्थियों को नए साल के जनवरी माह में योजना के तहत पहली किस्त उनके खातों में भेजी जाएगी। जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) अधिकारी चंद्रभान ने बताया कि आवेदन के सापेक्ष जांच कराई गई थी। पात्र लोगों की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की जा रही है। करीब तीन हजार लाभार्थी इसमें शामिल किए गए हैं। इसके बाद धन आवंटन की प्रक्रिया पर काम किया जाएगा।
कैंप लगाकर विभाग ने लिया था आवास का आवेदन
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिला नगरीय विकास अभिकरण की ओर से एक माह पूर्व नगर नगर पालिका सिद्धार्थनगर, नगर पालिका बांसी, नगर पंचायत डुमरियागंज, बढ़नी, उसका बाजार, शोहरतगढ़ में कैंप का आयोजन किया गया था। इसके बाद लाभार्थियों से आवेदन मांगा था। मांगे गए आवेदन के आधार पर जांच करके फाइल तैयार की जा रही है।
तीन किस्तों में मिलता है धन
विभागीय लोगों के मुताबिक नगरीय क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थी को ढाई लाख रुपये दी जाती है। यह राशि बैंक खाते के जरिए तीन किस्त में भेजी जाती है। इसमें पहली किस्त में 50 हजार, दूसरी में डेढ़ लाख और अंतिम में 50 हजार रुपये दिए जाते हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के लाभार्थियों को एक लाख 20 हजार रुपये मिलता है।