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11 फर्जी शिक्षकों को विभाग ने दिया नोटिस

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11 फर्जी शिक्षकों को विभाग ने दिया नोटिस
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पहले नोटिस का शिक्षकों ने नहीं दिया है जवाब
देवरिया, आजमगढ़, संतकबीरनगर सहित अन्य जिलों के रहने वाले हैं शिक्षक
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जिले में तैनात फर्जी शिक्षकों में 11 को विभाग ने दोबारा नोटिस भेजा है। पहली नोटिस का जवाब शिक्षकों ने अब तक नहीं दिया था। ऐसे में विभाग ने दूसरी बार नोटिस भेजकर उनके अंकपत्र सहित अन्य जानकारियां मांगी है। बताया जाता है कि 11 फर्जी शिक्षकों में देवरिया, आजमगढ़, संतकबीरनगर सहित अन्य जिलों के हैं। इनमें तीन महिला शिक्षक भी शामिल हैं। नोटिस के बाद से ही ये शिक्षक अपनी मूल तैनाती वाले विद्यालयों से लापता चल रहे हैं।
जिले में फर्जी शिक्षकों की बर्खास्तगी का मामला थम नहीं रहा है। अब तक जहां इस साल 92 शिक्षक बर्खास्त हो चुके हैं। वहीं, करीब 30 शिक्षकों की बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिले में शिक्षक माफिया ने आठ से 10 सालों में 500 से अधिक फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति कराई। बीएसए कार्यालय के स्टेनो हरेंद्र सिंह, लिपिक धर्मेंद्र कुमार, देवरिया का रहने वाला शिक्षक राकेश सिंह, शिक्षक सचिदानंद पांडेय की गिरफ्तारी के बाद से फर्जी शिक्षकों की कहानी परत दर परत खुलने भी लगी है। एसटीएफ ने इनकी गिरफ्तारी के बाद से जब राज उगलवाने शुरू किए तो कई बड़े लोगों के नाम भी शामिल आए। इस बीच फिर से 11 शिक्षकों को नोटिस देते हुए उनसे जवाब मांगा गया है। जबकि एक नोटिस पहले ही विभाग दे चुका है, जिसका जवाब फर्जी शिक्षकों ने नहीं दिया है। विभाग की मानें तो इनकी नियुक्ति 2015 में गणित, विज्ञान जूनियर वर्ग में की गई थी। बीएसए सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि दोबारा नोटिस भेजा गया है। जवाब न मिलने पर शिक्षकों को बर्खास्त किया जाएगा।
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एरियर और वेतन का भी हो चुका है भुगतान
जिन शिक्षकों को नोटिस दिया गया है। उन्हें विभाग की ओर से एरियर और वेतन भी दिया जा चुका है। सूत्रों की मानें तो करीब चार से पांच करोड़ रुपये का एरियर और वेतन फर्जी शिक्षक निकाल चुके हैं। इसके अलावा कई ने तो सैलरी स्लिप के नाम पर बैंक से लोन भी ले रखा है। इस काम में पूर्व में तैनात रहे दो लिपिकों की भूमिका सबसे अधिक है।
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