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अब कुतों की नियंत्रित करेगी टीम

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अब कुत्तों की संख्या पर होगा नियंत्रण
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आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को देखते हुए लिया गया निर्णय
खोला जाएगा एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। आवारा कुत्तों के बढ़ते हुए हमले को लेकर शासन द्वारा कठोर कदम उठाया जा रहा है। कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए जिला स्तर पर एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर खोला जाएगा। इसमें ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र में आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे कुत्तों को पकड़कर रखा जाएगा जिससे लोग इनके हमले का शिकार होने से बच सकें।
कुशीनगर आवारा कुत्ते के हमले में मासूम की मौत और सीतापुर जिले में लगभग दो माह तक जारी रहे आवारा कुत्तों के हमले में कई लोग शिकार हुए थे। कुत्तों की बढ़ती संख्या और खतरनाक होते हमले को लेकर सरकार गंभीर हो गई है। यह काम एजेंसी करेगी और उसी एजेंसी को यह जिम्मेदारी दी जाएगी, जिन्हें एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की ओर से लाइसेंस मिला होगा। वहीं प्रत्येक जिले में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर को स्थापित करेंगे। लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाएंगे। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. फड़ीश सिंह ने कहा कि योजना की जानकारी शासन की ओर से मिल गई है। लेकिन अब तक पत्र नहीं मिला है। जैसे ही पत्र मिलता है काम शुरू हो जाएगा।
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कुत्ते बना चुके हैं शिकार
जोगिया कोतवाली क्षेत्र के सिसवा बुजुर्ग गांव में जुलाई माह में कुत्तों की एक झुंड ने कई गाय व भैंस के बच्चों को हमला करके घायल कर दिया। साथ ही गांव के लोगों को भी हमले का शिकार बनाया।

एक कुत्ते में 20 लोगों को काटा
अक्तूबर माह के अंतिम सप्ताह में बर्डपुर कस्बे में एक कुत्ते ने आठ दिनों तक आतंक मचाया। इस दौरान 20 से अधिक लोगों पर हमल करके उन्हें लहूलुहान कर दिया। सभी को नजदीक के प्राथमिक केंद्र पर एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगवाया गया।

जिला अस्पताल में आते हैं 50 से अधिक मरीज
सितंबर माह की शुरूआत होते ही आवारा कुत्तों का आतंक और बढ़ जाता है। अस्पताल से जुड़े कर्मचारी की माने तो प्रतिदिन कुत्ते के हमले के शिकार 50 से अधिक लोग पहुंचते हैं।







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अब कुत्तों को नियंत्रित करेगी टीम
आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को देखते हुए लिया निर्णय
नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़े जाएंगे कुत्ते
जिले में डेढ़ लाख से अधिक है कुत्तों की संख्या
खोला जाएगा एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। आवारा कुत्तों के बढ़ते हुए हमले को लेकर शासन द्वारा कठोर कदम उठाया जा रहा है। कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए जिला स्तर पर एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर खोला जाएगा। इसमें ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र में आम लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे कुत्तों को पकड़कर रखा जाएगा जिससे लोग इनके हमले का शिकार होने से बच सकें। अगर सब कुछ सही रहा तो जल्द ही इस सिलसिले में काम भी शुरू हो जाएगा।
कुशीनगर आवारा कुत्ते के हमले में मासूम की मौत और सीतापुर जिले में लगभग दो माह तक जारी रहे आवारा कुत्तों के हमले में कई लोग शिकार हुए थे। कुत्तों की बढ़ती संख्या और खतरनाक होते हमले को लेकर सरकार गंभीर हो गई है। कुत्तों के हमले का शिकार होने से लोगों को बचाया जाए सके। लिहाजा इनके नियंत्रित करने को लेकर उनको पकड़ने की कवायद शुरू करने जा रही है। इसमें ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में घूमने वाले कुत्तों को पकड़ा जाएगा।
यह काम अलग एजेंसी करेगी। और उसी एजेंसी को यह जिम्मेदारी दी जाएगी, जिन्हें एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की ओर से लाइसेंस मिला होगा। वहीं प्रत्येक जिले में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर को स्थापित करेंगे। लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाएंगे।
माना जा रहा है कि अगर योजना पर अमल हुआ तो लोगों को काफी राहत मिलेगी।

मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. फड़ीश सिंह ने कहा कि योजना की जानकारी शासन की ओर से मिल गई है। लेकिन अब तक पत्र नहीं मिला है। जैसे ही पत्र मिलता है काम शुरू हो जाएगा।

कुत्ते बना चुके हैं शिकार
जोगिया कोतवाली क्षेत्र के सिसवा बुजुर्ग गांव में जुलाई माह में कुत्तों की एक झुंड ने कई गाय व भैंस के बच्चों को हमला करके घायल कर दिया। साथ ही गांव के लोगों को भी हमले का शिकार बनाया।

एक कुत्ते में 20 लोगों को काटा
अक्तूबर माह के अंतिम सप्ताह में बर्डपुर कस्बे में एक कुत्ते ने आठ दिनों तक आंतक मचाया। इस दौरान 20 से अधिक लोगों पर हमल करके उन्हें लहूलुहान कर दिया। सभी को नजदीक के प्राथमिक केंद्र पर एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगवाया गया।
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जिला अस्पताल में आते हैं 50 से अधिक मरीज
सितंबर माह की शुरूआत होते ही आवारा कुत्तों का आतंक और बढ़ जाता है। अस्पताल से जुड़े कर्मचारी की माने तो प्रतिदिन कुत्ते के हमले के शिकार 50 से अधिक लोग पहुंचते हैं। इसके अलावा सीएचसी व पीएचसी पर भी लोग इंजेक्शन लगवाने के पहुंच रहे हैं।
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