सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अंतर्गत रहनेवाले लोगों को जलापूर्ति शुल्क के रूप में 35 रुपये प्रतिमाह भुगतान करना होगा। जलापूर्ति के कनेक्शनधारकों को पहले 25 रुपये प्रतिमाह अदा करना होता था लेकिन इसमें 10 रुपये का इजाफा किया गया है जिससे नगरपालिका परिषद सिद्धार्थनगर की सीमा में रहनेवाले करीब डेढ़ हजार पानी के कनेक्शन धारकों पर सितंबर से 10 रुपये का बोझ बढ़ जाएगा। उल्लेखनीय है कि नगरपालिका के दायरे में रहनेवाले लोगों की आबादी तकरीबन पचास हजार है।
नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर प्रशासन की ओर से जल शुल्क 10 रुपये प्रतिमाह बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। लिहाजा लोगों को अब 35 रुपये प्रतिमाह भुगतान करना होगा। यह व्यवस्था सितंबर से प्रभावी होगी। पेयजल की समुचित सुविधा मुहैया कराने में अक्सर फेल रहने वाला नपा प्रशासन शुल्क बढ़ाकर लगभग डेढ़ हजार उपभोक्ताओं पर बोझ डालने का कार्य किया है। 25 वार्ड से सृजित नगर पालिका क्षेत्र दो भागों में विभक्त है। सात वार्डों को समेटे पुराना नौगढ़ क्षेत्र में 24 घंटे सप्लाई रहती है, जबकि शेष मुुहल्लों में सिर्फ सुबह-शाम ही जलापूर्ति की जाती है।अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि उपरोक्त निर्णय बोर्ड की बैठक में लिया गया है। जलमूल्य की बकाया धनराशि जमा न करने पर संबंधित को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
साल भर का पहुंचता है पानी का बिल
नगर पालिका सिद्धार्थनगर में जलमूल्य से संबंधित बिलों को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में भी लापरवाही होती है। लोगों का कहना है कि उपभोक्ता हर माह बिल भुगतान करने को तत्पर रहते हैं, लेकिन नपा के जिम्मेदार माहवार न देकर 6 माह व एक वर्ष का एक साथ बिल थमा देते हैं जिससे लोगों को एकमुश्त धनराशि जमा करने में दिक्कतें होती हैं।
पुरानी नौगढ़ में सुबह से शाम तक जलापूर्ति बाधित
रामनगर वार्ड में लंबे समय से पानी के लिकेज की स्थिति है। इस समस्या का समाधान करने में जिम्मेदार नाकाम हैं। पुरानी नौगढ़ के सभी वार्डों में बुधवार को सुबह से शाम तक जलापूर्ति न हो सकी। इसके अलावा लंबे समय तक विद्युत आपूर्ति भंग होने की दिशा में जनरेटर की भी सुविधा कभी कभार दगा दे जाती है। जिससे उपभोक्ताओं को एक बूंद पानी के लिए तरस जाना पड़ता है। ऐसे में जलमूल्य में बढ़ोत्तरी के साथ सुविधाओं को बेहतर करने के लिए कनेक्शनधारियों ने नपा प्रशासन से गुहार लगाई है।