सिद्धार्थनगर। प्रदेश के पशुधन राज्य मंत्री जयप्रकाश निषाद ने सपा-बसपा और कांग्रेस पर पिछड़े वर्ग की उपेक्षा का आरोप लगाया है। रविवार को लोहिया कला भवन में आयोजित भाजपा के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि जयप्रकाश निषाद ने कहा कि भाजपा ने पिछड़े वर्ग को सम्मान दिया है। केंद्र व प्रदेश सरकार में कई मंत्री बनाए। अहम पदों पर पिछड़े वर्ग के लोगों को स्थापित किया। पिछड़ा वर्ग का हित भाजपा में ही निहित है।
सम्मेलन में जयप्रकाश निषाद ने कांग्रेस की स्थापना देश को आजादी दिलाने के लिए हुई थी, लेकिन इसे राजनीतिक पार्टी बना दिया गया। देश पर 55 वर्षों तक शासन के बाद भी कांग्रेस ने विकास और तरक्की के लिए कुछ नहीं किया। उनका मकसद सिर्फ चंद लोगों को आगे बढ़ाना रहा। कांग्रेस पर भी परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। कहा कि इन दोनों दलों ने लोकतंत्र को परिवार तंत्र में बदल दिया है। बसपा दलित हितैषी होने का दंभ भरती है, मगर चार बार सूबे की सत्ता में आने के बाद अधिसंख्य पिछड़े व दलित वर्ग की जनता के साथ छल किया है। किसी भी गरीब दलित व पिछड़े वर्ग को बसपा ने पक्का छत दिया और न ही कोई अन्य लाभ। भाजपा जाति-धर्म नहीं, पूरे समाज के विकास पर यकीन रखती है। इसी उद्देश्य से देश में पीएम मोदी और प्रदेश में सीएम योगी के नेतृत्व में विकास कार्यों का संचालन किया जा रहा है। सांसद जगदंबिका पाल ने भी केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाएं गिनाते हुए सबका साथ-सबका विकास के नारे को सार्थक बनाने के लिए सहयोग का आह्वान किया। गांव-गांव जाकर पार्टी का संदेश पहुंचाने को प्रेरित किया। सम्मेलन में जिलाध्यक्ष रामकुमार कुंवर, विधायक डॉ. सतीश द्विवेदी, अमर सिंह चौधरी, जिला महामंत्री दीपक मौर्य, दिलीप चतुर्वेदी, क्षेत्रीय मंत्री गोविंद माधव, रामनिवास यादव, साधना चौधरी, राजेश त्रिपाठी, संतोष कुशवाहा, शिवशरन चौरसिया, श्यामनारायण मौर्य, सागर चौधरी, महेंद्र लोधी, शिवनाथ चौधरी, ओमप्रकाश यादव आदि मौजूद रहे।
इन्हें किया सम्मानित
सम्मेलन में पिछड़ा वर्ग के प्रमुख चेहरों को सम्मानित किया गया। इसमें रामशंकर यादव, जगजीव गौड़, रामसनेही निषाद, मनोज मौर्य, विश्वनाथ चौधरी, जगदीश प्रजापति, तुलसीराम वर्मा, रामचंद्र चौधरी, जगदीश साहनी, घनश्याम चौधरी, कन्हैया गौड़, शिवकुमार वर्मा, माधव यादव, श्यामनारायण, नंदू गौड़ आदि शामिल रहे।
विभिन्न संगठनों ने सौंपा ज्ञापन
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद जिला इकाई के सदस्यों ने राज्य मंत्री जयप्रकाश निषाद को ज्ञापन सौंपा। बाढ़ के दौरान कृषि हानि का सर्वे कर मुआवजा देने की व्यवस्था की तरह ही मत्स्य पालन करने वालों को नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की। इसके अलावा उसका बाजार में रेलवे की खाली भूमि पर दुकान लगाकर व्यवसाय करने वाले निषाद समाज के लोगों का जीआरपी के उत्पीड़न पर कार्रवाई की भी मांग की। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष श्यामसुंदर साहनी, कन्हैया निषाद आदि शामिल रहे। उधर, गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय प्रबंधकों के प्रतिनिधिमंडल ने भी मुलाकात कर राज्य मंत्री को ज्ञापन दिया। मान्यता के नाम पर स्कूलों के उत्पीड़न का आरोप जिला प्रशासन पर लगाया। उत्पीड़न से राहत दिलाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में गौरव गोस्वामी, रघुराज, विजय श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार, बलराम चौधरी, एचए खान, संदीप कुमार, विनोद चौधरी, जयगोविंद चौधरी, वीरेंद्र यादव, प्रभाकर मिश्र, अमरनाथ दुबे, प्रमोद मिश्र और अखिलेश मौर्य आदि शामिल रहे।