इटवा (सिद्धार्थनगर)। सुरक्षा व शिक्षकों कीकमी को दूर कराने की मांग को लेकर राजकीय महाविद्यालय चौखड़ा की छात्राओं ने शुक्रवार को रोड जाम कर दिया। मौके पर डीएम को बुलाने की जिद पर अड़ी छात्राओं को मनाने में तहसील प्रशासन व पुलिस के छक्के छूट गए। सूचना मिलने पर पहुंचे डुमरियागंज विधायक व एसडीएम ने छात्राओं से वार्ता किया। एक माह के भीतर मांगों पर कार्रवाई करने के आश्वासन के बाद छात्राएं शांत हुईं। इस दौरान इटवा-डुमरियागंज मार्ग पर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही।
सुरक्षा को लेकर व शिक्षकों की कमी से जूझ रहे छात्राओं का गुस्सा पहले से उबल रहा था। गुरुवार को इतिहास के प्रोफेसर डॉ.अजय राय के स्थानांतरण का समाचार जैसे ही कॉलेज कैंपस में पहुंचा, छात्राओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इनका कहना था कि कॉलेज में आठ विषय हिंदी, शिक्षाशास्त्र, गृह विज्ञान, अंग्रेजी, शारीरिक शिक्षा, इतिहास, समाज शास्त्र व संस्कृत का कोर्स पढ़ाने की व्यवस्था है। इसके सापेक्ष मात्र तीन विषय इतिहास, समाज शास्त्र व संस्कृत के ही प्रवक्ता की नियुक्ति की गई है। अब इतिहास के प्रवक्ता का भी स्थानांतरण हो गया।
इसके बाद सुरक्षा व शिक्षकों की कमी की मांग को लेकर छात्राएं परिसर के बाहर निकल आईं। रोड पर दरी बिछा कर बैठ गई। प्राचार्य रवींद्र कुमार ने छात्राओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह टस से मस नहीं हुईं। छात्राओं ने मांग रखी कि मौके पर डीएम कुणाल सिल्कू आकर वार्ता करें। सुरक्षा व प्रवक्ताओं की कमी को जल्द दूर कराने का आश्वासन दें। उसके बाद रोड जाम खत्म किया जाएगा। जानकारी मिलने पर विधायक डुमरियागंज राघवेंद्र प्रताप सिंह, एसडीएम राजेंद्र प्रसाद व एसओ इटवा जयदीप दुबे मौके पर पहुंच गए। छात्राओं से हुए वार्ता के क्रम में एक माह के भीतर प्रवक्ताओं की नियुक्ति व कॉलेज के चारों तरफ दीवार निर्माण का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्राओं ने जाम समाप्त किया।
चौदह वर्षों में भी नहीं बन सकी बाउंड्री
इटवा। छात्राओं ने विधायक डुमरियागंज राघवेंद्र प्रताप सिंह व एसडीएम राजेंद्र प्रसाद को बताया कि वर्ष 2003 में तत्कालीन सीएम राजनाथ सिंह ने ग्राम चौखड़ा में राजकीय महिला महाविद्यालय का शिलान्यास किया था। शिलान्यास के बाद महाविद्यालय भवन का निर्माण कार्य हो गया, लेकिन दीवार निर्माण नहीं हो सका। कॉलेज के पास एक धार्मिक स्थल पर गुरुवार को मेला का आयोजन होता है। श्रद्धालु कॉलेज परिसर से आवाजाही करते हैं, इसी कारण से छात्राएं सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती हैं। गृह विज्ञान, अंग्रेजी विषय में तीन वर्षों से प्रवक्ता नहीं है। हिंदी के प्रवक्ता रवींद्र प्रसाद का स्थानांतरण कॉलेज के लिए किया गया, लेकिन उन्होंने कार्यभार नहीं ग्रहण किया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नहीं है।