सिद्धार्थनगर। जिला अस्पताल में रविवार को इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे डॉक्टर की सतर्कता से बीआरडी कांड की पुनरावृत्ति होने से बचाव हो गया। बिजली न होने से आधे घंटे तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित रही। कुछ परिजन बच्चों को लेकर वार्ड के बाहर निकल गए। कुछ बीमार बच्चों के परिजन हाथ के पंखे से हवा करते रहे।
जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में कुल सात बच्चे भर्ती हैं। इसमें एक बच्चे की जांच में जेई से ग्रसित होने की पुष्टि हो चुकी है। शेष छह बच्चों में तेज बुखार के साथ झटका आने का इलाज किया जा रहा है। इन बच्चों के रक्त का नमूना जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही जेई व एईएस से ग्रसित होने की पुष्टि होगी। विभागीय सूत्रों की मानें तो विशेषज्ञ चिकित्सक ने सभी बच्चों को दवा के साथ ऑक्सीजन मास्क लगाने की हिदायत दी है। रविवार दोपहर करीब 1.50 बजे वार्ड की लाइट कट गई। इन्वर्टर भी मौके पर दगा दे गया। 10 मिनट तक लोग बिजली आने का इंतजार करते रहे। उसके बाद वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। जनरेटर ऑपरेटर की खोज शुरू हुई, लेकिन वह गायब था। इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी कर रहे डॉ. मनोज त्रिपाठी ने किसी प्रकार जनरेटर स्टार्ट कराकर विद्युत आपूर्ति बहाल कराया। इस संबंध में डॉ. मनोज त्रिपाठी ने कहा कि जनरेटर ऑपरेटर की लापरवाही के संबंध में उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट की जाएगी।