नेपाली शराब की तस्करी रोकेंगे
जिले के अलीगढ़वा और बढ़नी में आबकारी विभाग ने बनाया चेकपोस्ट
जिले की 68 किलोमीटर खुली सीमा के रास्ते होती है शराब की तस्करी
आबकारी निरीक्षक सहित पांच लोग करेंगे निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। नेपाली शराब की तस्करी को रोकने के लिए चेक पोस्ट बनाया गया है। गठित टीम नेपाली शराब की तस्करी को रोकेगी। पंचायत चुनाव के मद्देनजर शासन के निर्देश पर चेक पोस्ट बनाए गए हैं। यहां एक निरीक्षक सहित पांच लोग जांच के लिए लगाए गए हैं।
जिले की 68 किलोमीटर सीमा नेपाल से लगती है। सीमा पर किसी प्रकार की बैरिकेडिंग नहीं है। बिना रोक-टोक के लोग इस पार से उस पार आते-जाते हैं। मगर इसमें कुछ अराजक तत्व खुली सीमा का लाभ उठाते हैं। इसमें तस्करी मुख्य मुद्दा है। इस तस्करी के काले धंधे में नेपाली शराब की बड़ी खेप आती है। लगातार एजेंसियों और सीमावर्ती थानों की पुलिस के द्वारा पकड़ी भी जाती है। मगर पंचायत चुनाव में नेपाली शराब की खेप न आए और शराब बांटने और पिलाने का दौर न चले। इसके लिए शराब की तस्करी को रोकने की कवायद शुरू हुई है। पंचायत चुनाव के मद्देनजर शासन के निर्देश पर सीमावर्ती क्षेत्र में आबकारी विभाग की ओर से दो चेक पोस्ट बनाए गए हैं। इसमें एक बढ़नी और दूसरा अलीगढ़वा में बना है। यहां पर आबकारी निरीक्षक सहित पांच लोगों की तैनाती रहेगी। जो लगातार बॉर्डर पार से आने वालों पर नजर रखेंगे। नेपाली शराब लाने वालों को पकड़ने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। जिला आबकारी अधिकारी रवींद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। नेपाली शराब की तस्करी को रोकने के लिए बॉर्डर पर दो चेक पोस्ट बनाए गए हैं, जहां टीम लगातार निगरानी करेगी और पकड़े जाने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
नेपाली के दाम कम होने से बढ़ती है तस्करी
भारती में निर्मित शराब की अपेक्षा नेपाली शराब के दाम में लगभग 10 रुपये शीशी का अंतर होता है। चुनाव में अधिक खपत होती है। इसलिए लोग नेपाली शराब लाते हैं। इसलिए चुनाव के समय में बॉर्डर क्षेत्र में नेपाली शराब की तस्करी बढ़ जाती है।
दो टीमें अलग से कर रहीं काम
पंचायत चुनाव और हाल ही में शराब से मौत का मामला सामने आने के बाद से जांच प्रक्रिया शुरू है। दो टीम जिले में काम कर रही हैं। इसमें एक पुलिस और आबकारी विभाग की टीम है। जो ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची शराब के ठिकानों पर छापा डालने के साथ ही कार्रवाई कर रही है। इसके अलावा एक टीम एसडीएम, सीओ और आबकारी निरीक्षक के साथ बनी है। ये लोग सरकारी ठेके की जांच कर रहे हैं। साथ ही अवैध शराब के धंधे के लिए चिह्नित गांवों में जाकर कार्रवाई कर रहे हैं।