मंथन में बीत गए 23 साल, हुआ कुछ नहीं
कपिलवस्तु विकास प्राधिकरण की टूट रही आस
गठन के बाद से ही बजट के नाम पर कुछ नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। भगवान बुद्ध की जन्मस्थली कपिलवस्तु में सुनियोजित तरीके से विकास करने के उद्देश्य से 1997 में गठित कपिलवस्तु विशेष प्राधिकरण की सांस टूट रही है। गठन के बाद प्राधिकरण अफसरों, कर्मियों की तैनाती तो हुई, मगर इस समय सभी पद रिक्त चल रहे हैं। बीते डेढ़ दशक में अब तक सिर्फ दो-चार ही बैठक हुई। गठन के बाद से ही अब तक बजट के नाम पर एक धेला नहीं मिला। लिहाजा, मंथन में 23 साल बीत गए और प्राधिकरण के उद्देश्य धरातल पर नहीं उतर सके।
कपिलवस्तु विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन 24 सितंबर 1997 को हुआ। गठन के पीछे भगवान बुद्ध की जन्मस्थली कपिलवस्तु के समग्र विकास को नई दिशा देने की मंशा थी। स्थानीय स्तर पर एक सहायक अभियंता, दो अवर अभियंता, दो लिपिक और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी के एक पद का सृजन किया। प्राधिकरण के गठनोपरांत शासन स्तर से अधिष्ठान व्यय के लिए किसी भी मद में बजट अब तक आवंटित नहीं हो सका और न ही किसी भी संवर्ग के कार्मिकों के पदों का सृजन ही किया गया। वर्ष 2007 में दो अवर अभियंता, एक सहायक अभियंता को तैनात भी किया गया, मगर पुन: शासन ने बिना किसी प्रतिस्थानी के कपिलवस्तु विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण से अन्य विकास प्राधिकरण में स्थानांतरित कर दिया गया। मौजूदा समय में दो अवर अभियंता से कार्य लिया जा रहा है। उनका वेतन गोरखपुर से भुगतान हो रहा है। प्राधिकरण के पास किसी प्रकार की भूमि, भवन, बजट न होने के कारण शासन स्तर से निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति भी संभव नहीं हो पा रही है।
मूर्त रूप नहीं ले पा रही महायोजना 2021
जिले के कपिलवस्तु क्षेत्र के 14 गांव बौद्ध पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किए जाने की योजना को लेकर कपिलवस्तु महायोजना 2021 की कार्ययोजना बनाई गई। यहां पर्यटक विहार परिसर, चिंतन मनन उपवन, बौद्ध विहार मठ एवं मंदिर बनाने की योजना थी। पुरातत्व स्थल संरक्षित करने जैसे बिंदु शामिल थे।
सदन में उठ चुका है प्राधिकरण का मुद्दा
कपिलवस्तु विकास प्राधिकरण की बदहाली का मुद्दा विधान परिषद में भी उठ चुका है। शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने सदन में तारांकित प्रश्न में यहां उपलब्ध संसाधन और कार्य के मुद्दे पर सवाल उठाया। जवाब में जल्द ही सकारात्मक कदम उठाने की बात सामने आई। बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
कोट
कपिलवस्तु विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण में व्याप्त समस्याओं के बारे में शासन स्तर पर नए सिरे से पत्र व्यवहार किया जाएगा। प्राधिकरण की बैठक कराने के लिए उच्च स्तरीय सकारात्मक पहल करूंगा। स्वीकृत पदों के सापेक्ष तैनाती करने और कार्यालयी व्यवस्था के लिए बजट की मांग की गई है।
-विकास कश्यप, प्रभारी सचिव, कपिलवस्तु विकास प्राधिकरण