सिद्धार्थनगर। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और उसका लाभ दिलाने के उद्देश्य से अब स्कूलों में अभिभावक पटल स्थापित किया जाएगा। जिले के 2710 प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में यह योजना लागू की जाएगी। इसके पीछे सरकार की मंशा है कि केंद्र और प्रदेश सरकार की चल रही योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ लोगों को मिल सके। इतना ही नहीं तीन लाख लोग सीधे तौर पर अभिभावक पटल के माध्यम से सरकार से भी जुड़ जाएंगे। बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने सभी बीएसए को पत्र भेजकर अभिभावक पटल खोलने के निर्देश दिए हैं।
केंद्र व प्रदेश सरकार आम जनता से जुड़ी तमाम योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन जानकारी के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। साथ ही कई योजनाओं का आवदेन तक ग्रामीण क्षेत्र के लोग नहीं कर पा रहे हैं। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन बेहतर हो इसके लिए स्कूलों में अभिभावक पटल खोलने की कवायद शुरू की है। अभिभावक पटल प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में स्थापित किए जाएंगे। इसके माध्यम से उन्हें योजना के संबंध में जानकारी देंगे। बीएसए राम सिंह ने बताया कि पत्र मिल चुका है। अगले महीने स्कूलों में अभिभावक पटल खोले जांएगे। अभिभावक पटल पर किसानों को आय दोगुना करने के लिए उन्नत कृषि के तरीके, बीजों की प्राप्ति, भंडारण, खाद के प्रयोग के बारे में जानकारी दी जाएगी।
स्थापित पटल पर मिलेगी यह जानकारी
स्कूलों में स्थापित होने वाले अभिभावक पटल में स्वच्छ भारत मिशन, शौचालय की उपयोगिता, जीएसटी से होने वाले लाभ, आयकर रिटर्न, बेटी बचाओ बेटी बढ़ाओ कार्यक्रम के तहत साक्षरता की जानकारी दी जाएगी। 15 और उससे अधिक उम्र के अशिक्षित लोगों को उनके ही परिवार के शिक्षित बच्चों के माध्यम से शिक्षित किया जाएगा। अभिभावकों को शिक्षा का अधिकार कानून के माध्यम से बच्चों को प्रवेश के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा बैंकों में खाता खोलने, कृषि बीमा योजना में आवेदन करने, बैंक में राशि जमा करने और निकालने, डिजिटल इंडिया में लेन-देन और क्रेडिट के उपयोग से फायदे के बारे में बताया जाएगा। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं, सूचना अधिकार कानून, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, किसान क्रेडिट कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन, इंटरनेट के माध्यम से खसरा-खतौनी निकालने व नशामुक्ति व पर्यावरण संरक्षण के बारे में जागरुक किया जाएगा।
तीन लाख परिवारों को मिलेगी योजना की जानकारी
जिले में 1199 ग्राम पंचायतों में कुल 2710 प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय खुले हैं। इनमें दो लाख 80 हजार से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। अगर केंद्र स्थापित होगा तो लगभग तीन लाख अभिभावक सीधे तौर पर योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्हें योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। पटल के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो लोगों को सीधे तौर पर योजनाओं से संबंधित जानकारी देगा।