कलाकारों की प्रस्तुति देख भक्ति रस में डूबे दर्शक। तालियों से गूंजता रहा पंडाल।
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सिद्धार्थनगर। बुद्ध की भूमि पर बृहस्पतिवार रात ब्रज उतर आया। माहौल ऐसा सजा कि जनमानस की आंखों में श्याम की मोहनी सूरत और दिल भक्ति रस में डूब गए। फूलों की बारिश के बीच जब ‘आज बिरज में होरी रे रसिया’ के सुर गूंजे तो लोग फाल्गुन के रंग में सराबोर गए। गुलाबी ठंड के बीच ज्यों-ज्यों रात गहराती गई, दर्शकों का उत्साह बढ़ता गया। कलाकारों ने एक के बाद एक गीत पेश कर समा बांधे रखा।
जिला कारागार के सामने मैदान में आयोजित कपिलवस्तु महोत्सव में शिरकत करने वृंदावन से आए कलाकारों ने ‘घूंघटा उठा दे सखी, मुखड़ा दिखा दे सखी’ गीत पेश किए तो पंडाल राधे-राधे के जयघोष से गूंज उठा। इसके बाद श्रीगोवर्धन महराज ने ‘तेरे माथे मुकुट बिराजे’ गीत पर दीपक नृत्य पेश कर माहौल को भक्ति रस में रंग दिया। मयूर नृत्य ने लोगों को झूमने पर मजबूर किया। फिर ‘कुंज गलिन में होरी खेल रहे नंदलाल’, ‘होली आई रे’, ‘होली खेलन आयो श्याम’, ‘होली आई रे कन्हाई’, ‘ब्रज के रसिया’ गीतों पर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। कलाकारों ने मुरारी लाल तिवारी की अगुवाई में लट्ठमार होली खेली तो पंडाल देर तक तालियों से गूंजता रहा। कार्यक्रम के अंत में कलाकार मंच से नीचे उतरे और दर्शकों पर फूल बरसाए।
इस मौके पर जिलाधिकारी कुणाल सिल्कू, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, इटवा विधायक डॉ. सतीश द्विवेदी, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिता माथुर, आकांक्षा समिति की अध्यक्ष डॉ. अंकिता सहाय, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सौम्या पांडेय, एडीएम प्रमोद शंकर शुक्ला, अपर पुलिस अधीक्षक मुन्ना लाल, उप जिलाधिकारी सदर उमेश चंद्र निगम, प्रभारी जिला सूचना अधिकारी आशुतोष पांडेय, तहसीलदार संतोष कुमार ओझा आदि उपस्थित रहे।