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मुख्यमंत्री जी, झूठ बोलते हैं आपके अफसर

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सिद्धार्थनगर। अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल की समीक्षा बैठक में मुख्यालय को 22 घंटे बिजली देने के विभागीय दावे पर लोग गुस्से में हैं। हर घंटे की अघोषित कटौती और लो वोल्टेज से जूझ रहे उपभोक्ताओं में झूठे आंकड़ों से आक्रोश है। उनका कहना है कि ऐसी ही झूठी रिपोर्ट बनाकर अफसर सरकार को बरगला रहे हैं। यह उपभोक्ताओं के जख्म पर नमक छिड़कने जैसा है।
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मुख्यालय फीडर से जुड़े तेतरी बाजार, सिविल लाइन, थरौली, परसा शाह आलम, मुड़िला, भीमापार सहित अन्य क्षेत्रों में 24 घंटे आपूर्ति का दावा खोखला साबित हो रहा है। इन क्षेत्रों में 16-18 घंटे बिजली मिल रही है। इसमें भी लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। सबसे खराब स्थिति रेलवे लाइन के पश्चिम तरफ तेतरी बाजार की है। यहां हर घंटे बिजली गुल हो जाती है। इससे इतर विभागीय अफसरों ने मंगलवार को अपर मुख्य सचिव के समक्ष 22 घंटे आपूर्ति की रिपोर्ट पेश की है। बुधवार को इसकी खबर अखबारों के जरिए उपभोक्ताओं को मिली तो वह उग्र हो गए। दवा व्यापारी अनिरुद्ध राय का कहना था कि योगी सरकार की घोषणा के बाद से बिजली व्यवस्था और भी बिगड़ गई है। इसे सुधारने की बजाए अफसर झूठे आंकड़े देकर जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं। किराना व्यापारी अजय शुक्ल ने कहा कि जो बिजली मिल रही है, उसमें भी वोल्टेज इतना लो होने से कोई सुख नहीं मिल पा रहा। पंखा-बत्ती भी ढंग से नहीं चल रहा। पूरब पड़ाव के घनश्याम चौधरी का कहना था कि रविवार-सोमवार को इस क्षेत्र में 48 घंटे आपूर्ति ठप रही। आए दिन ऐसी नौबत रहती है। जर्जर व पुराने तारों के कारण हर घंटे आपूर्ति बाधित होती है। इसे दुरुस्त करने के लिए हकीकत बताने की बजाए झूठे आंकड़े देना निंदनीय है। ऐसे अफसरों पर कार्रवाई की जरूरत है। भीमापार निवासी देवेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि इस क्षेत्र में आपूर्ति के लिए 250 केवी का ट्रांसफार्मर लगा है, इससे 600 केवी तक कनेक्शन बांटे गए हैं। ऐसे में आए दिन ट्रांसफार्मर जलता है। बिजली रहती भी है तो लो वोल्टेज। पंखा-बत्ती जलने का सिर्फ आभास होता है। सपा सरकार में जैसी बिजली मिली थी, वैसा ही हाल अभी भी बना हुआ है। खजुरिया रोड निवासी रोमा द्विवेदी, बेलहिया निवासी रमा चतुर्वेदी ने कहा कि उमस भरी गर्मी में बिजली कटौती से बुरा हाल है। बमुश्किल 16 घंटे बिजली मिलती है। 22 घंटे की रिपोर्ट कैसे दी जा रही, समझ से परे है।
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