फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पानी से घिरा नौगढ़ पीएचसी, टपक रही छत

विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। बारिश ने किसानों को राहत पहुंचाई है तो नौगढ़ पीएचसी के चिकित्सक-कर्मचारियों और मरीजों के लिए आफत बन गई है। पिछले दो दिनों की बारिश के बाद नौगढ़ पीएचसी चारों तरफ पानी से घिर गया है। छत टपकने लगी है। इसी स्थिति में बैठकर चिकित्सक-कर्मचारी काम करने को मजबूर हैं। सरकारी ड्यूटी के चलते उनकी भले ही मजबूरी हो, लेकिन मरीजों के लिए इस व्यवस्था ने परेशानी खड़ी कर दी है। चारों तरफ पानी के चलते अधिकांश मरीज अस्पताल तक पहुंच ही नहीं पा रहे। आलम यह है कि सामान्य दिनों में 80-90 मरीजों को उपचार देने वाले इस अस्पताल में अब बमुश्किल 15-20 मरीज ही पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

ब्लाक कार्यालय के बगल में स्थित नौगढ़ पीएचसी घनी आबादी के बीच होने के चलते मरीजों के लिए उपयोगी है। जिला अस्पताल पास होने के बावजूद यहां अच्छी तादाद में मरीज आते हैं। बारिश के बाद इसकी स्थिति बदतर हो गई है। दशकों पुराने भवन के निचले क्षेत्र में स्थापित होने के कारण सामान्य बारिश में ही चारों तरफ पानी भर गया है। पीएचसी तक पहुंचने वाले मार्ग करीब छह इंच पानी में डूबे हुए हैं। अस्पताल के अंदर भी पानी घुस गया है। मरीज, चिकित्सक व कर्मचारी पानी के बीच से ही होकर आने-जाने को मजबूर हो रहे हैं। छत लगातार टपक रही है। इससे अंदर बैठकर काम-काज करना भी दुश्वार हो गया है। कर्मचारी किसी तरह टेबल-कुर्सी को किनारे रखकर अपने काम निपटा रहे हैं। चिंता इस बात की है कि अभी बारिश की शुरुआत में यह हाल है, आगे न जाने क्या होगा। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.अमित उपाध्याय का कहना है कि पीएचसी की इस हालत के बारे में सीएमओ समेत उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। कई वर्षों से यह समस्या बनी हुई है। समाधान के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। सीएमओ डॉ.राजेंद्र कपूर ने बताया कि अस्पताल की मरम्मत के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। वहां से मंजूरी का इंतजार है।

दो चिकित्सक, 30 कर्मचारी हैं तैनात
नौगढ़ पीएचसी में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.अमित उपाध्याय, डॉ. तमन्ना निजाम और 30 कर्मचारियों की तैनाती है। सदर ब्लाक के करीब दो दर्जन से अधिक गांव इस पीएचसी से संबद्ध है। इस दुर्व्यवस्था के चलते मरीजों को अस्पताल की चिकित्सा सेवा से महरूम होना पड़ रहा है।
विज्ञापन

बोले मरीज: इलाज कराएं या बीमार होने जाएं
बारिश के पानी से चौतरफा घिरा होने व परिसर में भी पानी भरने के चलते अस्पताल का हाल बुरा है। ऐसे में मरीज भी यहां आने से कतरा रहे हैं। दुश्वारी देते हुए जो पहुंच रहे हैं, वह भी नाक-भौं सिकोड़ते हुए बाहर आ रहे हैं। बुधवार को बुखार से पीड़ित बेटी का इलाज कराने पहुंची महिला सीमा का कहना था कि अस्पताल में ठीक होने आते हैं, न कि बीमार होने। बारिश का रुका हुआ पानी बीमार करने के लिए काफी है। जितेंद्र कुमार का कहना था कि स्वास्थ्य विभाग दूसरों को साफ-सफाई बरतने, पानी जमा न होने देने की सलाह देता है, मगर खुद बेपरवाह है। अस्पताल का यह हाल है तो सेवा कैसी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें