बंद मिला सीसीटीवी कैमरा, केंद्र पर कार्रवाई की तैयारी
जेडी बस्ती मंडल के निरीक्षण में खुली परीक्षा की पोल
कठमोरवा आरडीआर इंटर कॉलेज में बंद मिला कैमरा
हाईस्कूल में 2019 छात्रों ने छोड़ी परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। शासन के नकलविहीन परीक्षा के दावे के पोल खुल रही है। नकल रोकने के लिए लगे सीसीटीवी कैमरे को बंद करके नकल कराए जाने का मामला प्रकाश में मंगलवार को तब आया जब जेडी बस्ती मंडल ने बांसी क्षेत्र के कठमोरवा इंटर कॉलेज में चल रहे परीक्षा का निरीक्षण किया। यहां तक की सीसीटीवी कैमरे का फुटेज चेक किया गया तो पता चला कि पहले भी परीक्षाओं में समय-समय कैमरे बंद होने की पुष्टि हुई है। केंद्र को काली सूची में डालने के लिए लिखा-पढ़ी शुरू कर दी गई है।
मंगलवार की सुबह हाईस्कूल विज्ञान विषय की परीक्षा प्रथम पाली में शुरू हुई। चेकिंग के बाद ही परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थियों को प्रवेश करने दिया गया। कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार परीक्षा में 26321 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें 2019 परीक्षार्थियों परीक्षा छोड़ दी है। वहीं, दूसरी पाली में इंटरमीडिएट इतिहास विषय की परीक्षा आयोजित हुई। जेडी संयुक्त शिक्षा निदेशक बस्ती मनोज कुमार द्विवेदी निरीक्षण के लिए बांसी क्षेत्र के आरडीआर इंटर कॉलेज में पहुंचे। निरीक्षण में विद्यालय का सीसीटीवी कैमरा बंद मिला। नकल कराए जाने की आशंका व्यक्त करते हुए हर कक्ष का निरीक्षण किया। शक होने के बाद कंट्रोल रूम में जाकर सीसीटीवी कैमरे का फुटेज देखा तो परीक्षा के दौरान समय-समय पर कैमरे के बंद होने की पुष्टि हुई। इससे प्रतीत हुआ नकल कराया जा रहा है। जेडी मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि विद्यालय को काली सूची में डाले जाने के लिए लिखा-पढ़ी की जाएगी।
सीसीटीवी कैमरे में छिपा हैं लापरवाही का खेल
23 फरवरी को कस्तूरबा विद्यालय में बीमार हुईं 11 बालिकाओं के मामले में वार्डेन का एक और खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
शोहरतगढ़। बीआरसी क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय परसिया में 23 फरवरी को एक-एक कर बेहोश हुईं 11 छात्राओं के मामले को लेकर डीएम व बीएसए की ओर से गठित जांच टीम ने कस्तूरबा विद्यालय में पहुंचकर जांच-पड़ताल की, लेकिन उनकी नजर विद्यालय में लगे आठ सीसीटीवी कैमरे की ओर नहीं पड़ी। इससे विद्यालय में जिम्मेदारों की लापरवाही से पर्दा नहीं उठ सका।
वार्डेन संध्या पासवान ने कहा कि करीब पांच माह पूर्व कस्तूरबा विद्यालय में आठ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। सीसीटीवी कैमरे की जांच से निश्चित तौर पर विद्यालय में हो रहे लापरवाही में शामिल जिम्मेदारों का चेहरा उजागर होगा। उन्होंने कहा कि हाल, मेस, सीढ़ी के पास, गेट के पास, तीनों क्लॉसरूम, पीछे के मैदान में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। सबके आने-जाने, बालिकाओं की मौजूदगी, शिक्षिकाओं के आने-जाने समेत राशन लाने का प्रकरण सीसीटीवी कैमरे में कैद है। विद्यालय में कौन कितना अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करता है। यह जिम्मेदारों को अच्छी तरीके से पता है। इसके बावजूद भी कस्तूरबा विद्यालय में चल रहे राजनीति के चलते जिम्मेदार खुद के दामन को बेदाग रखने की कवायद कर रहे हैं। यही कारण है कि कस्तूरबा विद्यालय में एकाएक एक-एक कर 11 बालिकाएं बीमार हो गई थीं।