सरकारी अस्पताल का हाल, मरीज दिखे बेहाल
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सिद्धार्थनगर। संयुक्त जिला चिकित्सालय में डिजिटल एक्स-रे मशीन शो-पीस बनी हुई है। जबकि अल्ट्रासाउंड मशीन भी 15 दिनों से खराब है। इससे अस्पताल में आनेवाले मरीजों को प्रतिदिन निराश लौटना पड़ रहा है। संबंधित कार्यदायी संस्था की लापरवाही को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने महानिदेशक को खराब मशीनों की मरम्मत करने के लिए पत्र लिखा है।
नेपाल के सीमावर्ती गांवों समेत जनपद की लगभग 30 लाख की आबादी की सेहत की जिम्मेदारी उठाना वाला संयुक्त जिला अस्पताल इन दिनों छोटी-छोटी समस्याओं से जूझ रहा है। इसके पीछे उच्च स्तर से नामित कार्यदायी संस्थाओं की ओर से बरती जा रही लापरवाही बताई जा रही है। एक्सरे-मशीन 100 एमएम में प्राय: तकनीकी खराबियों के साथ ही दो माह से डिजिटल एक्सरे-मशीन का क्रियाशील न होना मरीजों पर भारी पड़ रहा है।
प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में एक्स-रे कराने के लिए आने वाले मरीजों व उनके साथ तीमारदारों को भी निराश लौटना पड़ रहा है। दूरदराज से आने वालों का समय बर्बाद होने के साथ ही आर्थिक क्षति भी हो रही है। गुरुवार को भवानीगंज क्षेत्र से अपनी पत्नी का अल्ट्रासाउंड कराने आए राम लखन का कहना था कि पहले से पता होता तो नहीं आते। इससे धन व समय का बचत होता। जानकारी के बाद प्राइवेट एक्स-रे कराने की पहल करते। लोटन क्षेत्र से आईं राजमती का कहना था कि पिछले एक सप्ताह में दो बार आ चुकी हैं, पर मशीन खराब होने से एक्सरे नहीं हो पा रहा है। वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं लिहाजा बाहर जाने में असमर्थ हैं।
जानकार बताते हैं कि डिजिटल मशीन व खराब पड़े अल्ट्रासाउंड मशीन क्रियाशील न होने के पीछे शासन स्तर से नामित एक संस्था के जिम्मेदारों की लापरवाही है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रोचस्मति पांडेय ने बताया कि दोनों प्रकरणों को संज्ञान में लाते हुए महानिदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से क्रियाशील कराने का अनुरोध किया गया है।