सिद्धार्थनगर/बांसी। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आठ सूत्री मांगों के समर्थन में लेखपाल संघ का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। हड़ताल पर प्रतिबंध लगाते हुए एस्मा लागू किए जाने के बाद भी इसका कहीं भी असर नहीं दिखा। सदर तहसील, डुमरियागंज, शोहरतगढ़, इटवा, बांसी में लेखपालों ने मांगों को लेकर हुंकार भरी। उन्होंने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर ही धरना खत्म करने का एलान किया।
लेखपालों की मांगों में ग्रेड-पे 2800 करने, वेतन विसंगति दूर करने, 2005 के बाद नियुक्त हुए लेखपालों को पुरानी पेंशन का लाभ देने, राजस्व उप निरीक्षक नियमावली 2017 को कैबिनेट से पारित कराने, संघ की मांग के अनुसार भत्तों में वृद्धि करने, ई-गवनेंस एवं ई-डिस्ट्रिक्ट के संपादन के लिए लैपटॉप व स्मार्ट फोन, प्रोन्नति के लिए डीपीसी के क्रमबद्धता सुनिश्चित करने आदि शामिल हैं। तहसील अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव की अध्यक्षता की जबकि तहसील मंत्री दिलीप चौरसिया के संचालन किया। राम करन गुप्ता, इफ्तार अहमद, अरुण श्रीवास्तव, अशोक श्रीवास्तव, धर्मेंद्र कुमार, कृष्ण मोहन, धर्मवीर श्रीवास्तव, अबू शाहमा, सुनील आर्य, प्रभात तिवारी, अजय वर्मा, सुनील यादव, शिवम कुमार, देवेंद्र मणि त्रिपाठी, नीलू शर्मा आदि ने संबोधित किया।
डुमरियागंज प्रतिनिधि के मुताबिक आठ सूत्री मांगों के समर्थन में डुमरियागंज तहसील परिसर में लेखपाल संघ का धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। वेतन विसंगति व संसाधनों के अभाव को दूर करने की मांग की गई। तहसील अध्यक्ष रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने अपने विचार व्यक्त किए जबकि धरने का संचालन तहसील मंत्री राजेश प्रताप मणि ने किया। प्रीति धाकरे, सत्या देवी, अंजू, अंकिता, पंकज, गंगोत्री प्रसाद पांडेय, अशोक त्रिपाठी, विजय बहादुर आदि मौजूद रहे।