जिला अस्पताल की ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचे मरीज।
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सिद्धार्थनगर।उमस भरी गर्मी और बेतरतीब खाना-पान से उल्टी-दस्त का प्रकोप बढ़ा है। हाल यह है जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 250 और इमरजेंसी में 20 मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। हाल यह है कि पिछले 10 दिनों में इस बीमारी से पीड़ित 190 मरीज भर्ती हो चुके हैं। इसमें बच्चों की संख्या अधिक करीब 100 से अधिक है। वहीं ओपीडी में इस बीमारी से ग्रसित मरीजों की संख्या अधिक सबसे अधिक है। मौजूदा समय में प्रतिदिन 900 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रोचस्मती पांडेय ने बताया कि अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को जो भी सुविधाएं मिलनी चाहिए। वह दीं जा रही हैं। दवाओं की कमी नहीं है। इलाज किया जा रहा है।
स्थिति में हुआ सुधार
इमरजेंसी वार्ड में शोहरतगढ़ निवासी रीमा ने बताया कि एक वर्ष की बेटी अनुष्का पिछले दो दिनों से बीमार है। उल्टी दस्त से उसका बुरा हाल है। कपिलवस्तु मदरहवा निवासी बीना ने बताया कि एक डेढ़ वर्ष के बेटे को मंगलवार से ही उल्टी हो रहा है। जिला अस्पताल में इलाज के बाद स्थिति मेें काफी सुधार हुआ है। इसी प्रकार के कडजवहा निवासी अखिलेश, मोगलहा निवासी ओमप्रकाश खुद उल्टी- दस्त से बीमार थे। इलाज के बाद स्थिति पहले से बेहतर है।
यह बरतें सावधानी
- बाहर का खाना कत्तई न खाएं
- तले भुने हुए खाने का सेवन बिल्कुल न करें
- खाना खाते समय हाथ धुलकर खाएं और खिलाएं
- इंडिया मार्का हैंडपंप का ही पानी पीएं
- जहां तक हो सके धूप से बचें
- बीमार बच्चा या व्यक्ति को पानी उबालकर ठंडा होने के बाद पिलाएं
- उल्टी-दस्त शुरू होने पर तत्काल चिकित्सक के पाए जाएं
मौसमी बीमारी है, सावधानी बरतें
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. संजय चौधरी ने बताया कि उमस भरी गर्मी और खाना मेें असावधानी से उल्टी-दस्त का प्रकोप बढ़ा है। बच्चों को ओआरएस का घोल पिलाएं। इससे लाभ होगा।