पडरौना/मंसाछापर। पडरौना ब्लॉक के चौपरिया गांव में मनरेगा के तहत कराए गए दो कार्यों में अनियमितता की पुष्टि होने पर कार्रवाई शुरू हो गई है। जांच में 1,69,692 रुपये की धांधली की पुष्टि होने के बाद ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक से बराबर हिस्से में वसूली के आदेश जारी किए गए हैं।
चौपरिया निवासी अलाउद्दीन की शिकायत पर डीएम के निर्देश में डीडीओ ने जांच कराई थी। जांच आख्या में पाया गया कि मनरेगा योजनांतर्गत कराए गए दो चकरोड निर्माण कार्यों में कम कार्य कराकर अधिक भुगतान कराया गया।
तकनीकी परीक्षण के लिए सहायक अभियंता से कराई गई जांच में 24 दिसंबर 2025 की आख्या में चौपरिया पिच रोड से चिमनी तक चकरोड पर मिट्टी कार्य में 1,01,063 रुपये तथा खदेरू गुप्ता के खेत से जानकीनगर रोड तक चकरोड पर मिट्टी कार्य में 68,629 रुपये का अपव्यय दर्शाया गया। दोनों मदों को मिलाकर कुल 1,69,692 रुपये की शासकीय क्षति सामने आई।
आयुक्त (एपेक्स टीएससी), ग्राम्य विकास, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा 29 सितंबर 2008 को जारी निर्देशों के अनुसार ग्राम पंचायत के माध्यम से कराए गए कार्यों में पाई गई शासकीय क्षति की वसूली ग्राम प्रधान, सचिव एवं कार्य की मापी करने वाले तकनीकी सहायक से समान अनुपात (33.33 प्रतिशत) में की जानी है।
इसी क्रम में प्रधान असलम, सचिव विनोद यादव तथा तकनीकी सहायक रामदयाल सिंह को निर्देशित किया गया है कि वे प्रत्येक 56,564 रुपये की राशि उत्तर प्रदेश ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना समिति के भारतीय स्टेट बैंक, जवाहर भवन शाखा के खाते में जमा कर रसीद बीडीओ के माध्यम से उपलब्ध कराएं।
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जांच में मनरेगा कार्यों में गड़बड़ी कर भर्ती भुगतान कराकर सरकारी धन हड़पने की पुष्टि होने के बाद डीएम ने रिकवरी की नोटिस जारी किया है। ग्राम प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक से वसूली किया जाएगा। -रवि कुमार रंजन, बीडीओ पडरौना