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विद्यालय का ही भविष्य अधर में, तो छात्रों का क्या होगा

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फोटो कैप्सन-07एसडीएन82पी-पिकौरा स्थित खेतों के बीच बिना रास्ते के बना प्राथमिक विद्यालय
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प्राथमिक विद्यालय जलालपुर का भविष्य अधर में
चहारदीवारी तो बनी लेकिन आने-जाने के लिए मार्ग का पता नहीं
समस्याओं का सामना करते हुए स्कूल तक पहुंचते हैं विद्यार्थी
अमर उजाला ब्यूरो
डुमरियागंज। क्षेत्र में बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए परिषदीय विद्यालयों का निर्माण तो कर दिया गया। लेकिन विद्यार्थियों को प्रतिदिन विद्यालय आने-जाने के लिए कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्राथमिक विद्यालय जलालपुर का भविष्य अधर में लटका हुआ है क्योंकि इसकी चहारदीवारी तैयार की गई लेकिन आने जाने मार्ग नहीं बनवाया गया। लिहाजा स्कूल के बच्चे रोजाना समस्याओं का सामना करते हुए स्कूल तक पहुंचते हैं।
डुमरियागंज ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय जलालपुर का निर्माण 1998 में हुआ था। यहां पर सत्र 1999 में पढ़ाई शुरू हो गई थी। किसी तरह से विद्यालय में 20 साल शिक्षा सत्र चला। लेकिन वर्तमान में 93 बच्चों का नामांकन कर पांच अध्यापक बच्चों के भविष्य को संवारने में लगे हैं। प्राथमिक विद्यालय पर जाने के लिए जो रास्ता है वह जलालपुर निवासी की जमीन है। जब ग्राम प्रधान अनिल सोनी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि विद्यालय के दक्षिण और पूरब कई लोगों की जमीन है। रास्ते के बदले ग्राम पंचायत की जमीन मालियत के हिसाब से मेन रोड पर देने को तैयार हैं, लेकिन कोई मान नहीं रहा है। अगर विभागीय अधिकारियों ने प्राथमिक विद्यालय पर जाने के लिए रास्ते का हल नहीं निकाला तो जल्द ही विद्यालय बंद होने के कगार पर पहुंच जाएगा।
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इस संबंध में डुमरियागंज बीईओ चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि स्कूल जाने के लिए रास्ते नहीं होने की जानकारी है। तहसील प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई है। इसके अलावा स्कूल के अगल-बगल के लोगों से भी बात कर रास्ते के लिए जमीन दिए जाने की बात कही जा रही है।
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