मोबाइल शौचालय के अंदर भरी थी शराब
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सिद्धार्थनगर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में बनने वाले शौचालयों के निर्माण में रुचि न लेने व शिथिलता बरतने वाले ग्राम प्रधानों व सचिवों के खिलाफ विभाग कार्रवाई हो सकती है। विभाग की ओर से जिले की 1199 में से 200 ऐसे ग्राम पंचायतें चुनी गई हैं, जहां शौचालय निर्माण की हालत खराब है।
केंद्र सरकार भारत को स्वच्छ बनाने के लिए गांवों में शौचालय का निर्माण करवा रही है, जिससे खुले में जाने की प्रथा खत्म हो और बहू बेटियों को बाहर न जाना पड़े। स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थियों को दो किश्तों में 12 हजार रुपये सहायता राशि दी जा रही है। शौचालय निर्माण पर विशेष जोर भी दिया जा रहा है। बावजूद इसके अपेक्षित परिणाम नहीं मिला पा रहा है। कारण कहीं-कहीं ग्राम प्रधान व लाभार्थियों द्वारा इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। मगर अब विभाग सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई के मूड में हैं।
शौचालय निर्माण में खराब स्थिति वाले 200 ग्राम पंचायतों को चिन्हित किया जा चुका है। विभाग से जुड़े लोगों की माने तो डीएम के आदेश पर इन गांवों की सूची तैयार की गई। कहा जा रहा है कि डीएम इस संबंध में जल्दी ही बैठक कर सकते हैं और निर्माण में शिथिलता के बारे में कारण पूछ सकते हैं। इसके बाद अगर स्थिति में सुधार नहीं होती है तो संबंधित ग्राम प्रधान व सचिवों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। डीपीआरओ एके सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के समीक्षा की जा रही है। गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
ओडीएफ घोषित हो चुका है जनपद
पिछले वर्ष दो अक्तूबर को गांधी जयंती के अवसर पर जिले को खुले में शौचमुक्त ( ओडीएफ) घोषित कर दिया गया है। मगर जिले में अधिकांश गांव ऐसे हैं, जहां शौचालय का निर्माण अभी तक नहीं हुआ है। जबकि जनपद को ओडीएफ घोषित हुए आठ माह से अधिक का समय बीत चुका है।