सिद्धार्थनगर। जिले के विभन्न स्थानों पर शनिवार को ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए गोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान वक्ताओं ने ग्रामीणों को जल की महत्ता बताते हुए कहा कि जल प्रकृति की अनमोल धरोहर है, इसके संरक्षण के लिए सबको जागरूक होकर कार्य करना होगा।
कपिलवस्तु प्रतिनिधि के अनुसार बर्डपुर ब्लॉक के पकड़ी उर्फ मुड़िला में ग्राम पंचायत सचिव केशभान यादव की अध्यक्षता में जल संरक्षण विषय पर गोष्ठी का आयोजन हुआ। कहा कि पीने के लिए शुद्ध पानी बेहद जरूरी है। प्रधान अशरफ राशिद ने कहा कि जल संरक्षण के बिना भविष्य में जीवन संभव नहीं रहेगा। इसी क्रम में इटवा व खुनियांव ब्लॉकों में भी जल संरक्षण के लिए ग्राम पंचायतों में गोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान ग्राम पंचायत सचिव अवधेश कुमार, मोतीलाल, उदय प्रताप व संजय कुमार आदि शामिल रहे। उसका ब्लॉक के सोंहास खास गांव में आयोजित गोष्ठी में खंड विकास अधिकारी उसका राज कुमार वर्मा ने कहा कि पीने व दैनिक क्रियाओं के साथ ही खेती करने के लिए जल की अनिवार्य आवश्यकता है। इस दौरान एपीओ सत्यप्रकाश, प्रधान श्रीश प्रताप यादव, शंभू यादव आदि मौजूद रहे।
डुमरियागंज। क्षेत्र के अमौना पांडेय गांव में चौपाल आयोजित हुई। इस दौरान वहां से गुजरने वाली आमी नदी के उद्धार को लेकर आबकारी मंत्री जयप्रताप सिंह, विधायक डुमरियागंज, इटवा व शोहरतगढ़ विधायक और डीएम ने श्रमदान किया। डीपीआरओ ने प्रधानमंत्री के जलसंचयन के पत्र को पढ़कर सुनाया और जल संरक्षण को लेकर आगे आने की अपील की।
आबकारी मंत्री जयप्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में 2024 तक हर घर को नल से जल उपलब्ध करवाने का काम किया जाएगा। इसके लिए जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। वाटर लेबल को बढ़ाने के लिए गांव-गांव स्थित तालाबों और पोखरों को पुन: जीवित करना पड़ेगा। विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि किसान अपने खेतों की मेड़ों को बांधकर रखें जिससे पानी इधर-उधर न जाए। विधायक अमर सिंह चौधरी व डॉ. सतीश द्विवेदी ने कहा कि जल ही जीवन है। धरती पर सभी जीवों के लिए जल अमृत के समान है।
डीएम दीपक मीणा के निर्देशन में जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार सिंह द्वारा जल संचयन के लिए प्रधानमंत्री की प्रधान के नाम जारी चिट्ठी को पढ़कर सुनाया। डीएम ने कहा कि जिले से लेकर ग्राम स्तरीय सभी सरकारी भवनों पर बरसात के पानी को रोकने के लिए वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम बनाया जाएगा। सीडीओ हर्षिता माथुर ने कहा कि प्रधानमंत्री के जल संरक्षण की मुहिम के प्रति सभी लोग एक दूसरे को जागरूक करें।
कार्यक्रम के अंत में अमौना पांडेय के बगल से जुड़ी आमी नदी के उद्गम स्थल के पास पहुंचकर सभी ने श्रमदान किया। चौपाल का संचालन रमेश चन्द श्रीवास्तव ने किया। डीसी एनआरएलएम राम आसरे सिंह, एसडीएम राजेन्द्र प्रसाद, बीडीओ सुशील कुमार अग्रहरि, एबीएसए चन्द्रभूषण पांडेय आदि मौजूद रहे।
आमी नदी के उद्गम स्थल सिकहरा का निरीक्षण
डुमरियागंज। विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने आमी नदी के उद्गम स्थल सिकहरा कोहड़ा गांव पहुंचे जहां उन्होंने ग्राम प्रधान से आमी नदी के जमीन के बारे में जानकारी हासिल की। इस दौरान नदी के नाम एक भी मंडी जमीन न होने की बात पता चली, तो विधायक ने आमी नदी के उद्गम स्थल के साथ ही उसके बहने वाली दिशा की जमीन का किसानों को मुआवजा देकर नदी को फिर से जीवनदायिनी बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात करने की बात कही।
भारतभारी सरोवर का भी डीएम व मंत्री ने किया निरीक्षण
डुमरियागंज। अमौना पांडेय से लौटते समय डीएम, मंत्री के साथ ही विधायकों की टोली भारतभारी स्थित पवित्र सरोवर के पास पहुंचे। लोगों को सरोवर में पानी कम होने के कारण उसमें मौजूद मछलियों को मरने की जानकारी दी गई। मंत्री जयप्रताप सिंह ने डीएम को सरोवर में पानी भरवाने का निर्देश दिया। जिस पर डीएम ने तत्काल एसडीएम को सरोवर में पानी की व्यवस्था करवाने को कहा। सभी लोग प्राचीन शिव मंदिर पर भी गए जहां मंदिर में साफ-सफाई का अभाव देख एसडीएम को मंदिर की रंगाई-पुताई करवाने का निर्देश दिया। डीएम दीपक मीणा ने सीडीओ से 15 दिन बाद भारतभारी में चौपाल लगाकर कार्य की स्थिति की जानकारी लेने को कहा है।