सिद्धार्थनगर। जिले में बुधवार को आई आंधी-बारिश के बाद बृहस्पतिवार को भी करीब एक हजार गांवों में बिजली गुल रही रही। इसका असर लोगों की दिनचर्या पर भी पड़ा। बिजली निगम के अनुसार, बदले मौसम से 130 से अधिक पोल टूटे हैं और करीब 12 लाख नुकसान हुआ है। संभावना है कि शुक्रवार दोपहर तक सभी गांवों में आपूर्ति सुचारू हो जाएगी।
बिजली न मिलने से एक ओर इन्वर्टर जवाब दे गए। दूसरी ओर मोबाइल चार्ज न होने से लोगों का संपर्क एक दूसरे से टूट गया। उमस भरी गर्मी में लोग बेहाल रहे। बच्चों और बुजुर्गों को खासी दिक्कत हुई। भीमापार के अरविंद झा ने बताया कि बिजली न होने सबसे अधिक परेशानी सुबह के समय हुई। इस दौरान पानी के लिए परेशान होना पड़ा। जार का पानी खरीदकर पानी का इंतजाम किए गया। नहाने के लिए दूसरों के नलों का सहारा लेना पड़ा। रोआपार के रामसुबेर ने बताया कि मोबाइल चार्ज के लिए शहर में आना पड़ा। कुछ ऐसी ही कहानी बलूरी के रामकेश, सुधीर, अरविंद कुुमार ने भी बताई। कहा कि टंकी का पानी सुबह तक खत्म हो चुका था। बिजली न आने की वजह से मोटर भी नहीं चल सकी।
अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव ने बताया कि 12 लाख से अधिक का नुकसान आंधी पानी में हुआ है। टूटे और गिरे खंभों को बदलने के साथ ही तारों को जोड़ा जा रहा है। पोलों के टूटने से परेशानी बढ़ी है। जल्द से जल्द व्यवस्था सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है।
इन क्षेत्रों में के फीडरों से गुल है बिजली
इटवा फीडर से जुड़े दो सौ से अधिक, डुमरियागंज में राप्ती नदी के दूसरे छोर के 100 से अधिक गांवों में आपूर्ति बाधित है। जोगिया के नगरा फीडर से जुड़े नगरा, नगरची, करौंदा मसिना, देवरा बाजार, सिसवा बुजुर्ग, नादेपार, जोगिया, उदयपुर, कटहना, मेहदिया, बरकहुआ, सिंगिया, पारा बाजार, पारा नानकार सहित डेढ़ सौ से अधिक, परसिया फीडर के दो सौ गांव, ढ़ेबरुआ में 100 गांव, बोहली में 100 गांव सहित एक हजार से अधिक गांवों की बिजली गुल है। बर्डपुर प्रतिनिधि के अनुसार करीब बर्डपुर फीडर के 200 से अधिक गांवों और मुख्यालय फीडर से जुडृे आधे गांवों में गुरुवार देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।