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चांद का दीदार, ईंद-उल-फितर आज

Tue, 04 Jun 2019 11:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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शहर में ईद के अवसर पर कपडे़ की खरीदारी करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। रमजान में इबादत के बाद रोजेदारों को बुधवार को ईद का तोहफा मिलेगा। ईद की पूर्व संध्या पर कपड़े, ज्वेलरी, सेवईंयां और बर्तन आदि सामानों की दुकानों पर रोजेदारों ने बढ़-चढ़कर खरीदारी की। ईद के दिन जिले के 355 धार्मिक स्थलों पर ईद की नमाज अदा की जाएगी। इसमें 241 ईदगाह और 114 मस्जिद शामिल हैं।
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बुधवार को ईद मनाने की जानकारी होते ही मंगलवार रात तक दुकानों पर इत्र, टोपी और सेवइयों की खरीदारी हुई। सेवइयों के लिए मेवा लेने वालों की भीड़ दुकानों में उमड़ पड़ी। चांद दिखने के बाद मुस्लिम समुदाय में उत्साह रहा। जिला मुख्यालय समेत तहसील व ब्लाक मुख्यालयों के प्रमुख बाजारों में चहल पहल अंतिम समय तक रही। बाजार की दुकानों पर तरह-तरह की सेवइयों का पैकेट 130-140 रुपया प्रति किलो की दर से बिक रहा था। धागे और कपड़े से बनी टोपियों की बिक्री बढ़ गई है। टोपी के अलावा अलग-अलग डिजाइन में बुर्के की डिमांड भी बढ़ी है। युवा व्यवसायी रवि शर्मा ने बताया कि मध्यम वर्ग के लोग लुंगी, कुर्ता ज्यादा पसंद किया। बच्चे, युवा जिंस शर्ट पैंट खूब पसंद किया। जिसकी रेंज 400 रुपये से शुरू होकर चार हजार रुपया से अधिक तक रही। नगर के साड़ी व्यवसायी संजय कसौधन ने बताया कि ईद के मद्देनजर कॉटन साड़ी, सिल्क साड़ी की मांग अधिक थी। कॉटन साड़ियां 400 से एक हजार रुपये तथा सिंथेटिक साड़ियां एक हजार से दो हजार रुपये से अधिक रेंज तक की बिकीं।

अलविदा की नमाज से तेज हो गई थी तैयारी
ईद त्योहार में युवा, बच्चे व जवान सभी नए कपड़े पहन कर एक दूसरे के घरों में जाकर ईद की बधाई देते हैं। अलविदा की नमाज के बाद से ही ईद की तैयारी शुरू हो गई थी। कपड़ों की खरीद के अलावा महिलाएं चूड़ी, कपड़े व अन्य शृंगार प्रसाधन की सामग्री खरीदी गई। चूड़ियों की दुकान पर फिरोजाबाद निर्मित चूड़ियां विभिन्न नामों से पैकिग में खूब बिक्री हुई। रेडिमेड वस्त्रों की खरीद के लिए लोगों का रुझान अधिक रहा। पुरुषों व बच्चों के कपड़े रेडीमेड ही सस्ते पड़ते हैं। समय कम होने के कारण सिलाई न होने से रेडिमेड कपड़े अधिक खरीदे गए।
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बंद रहे एटीएम, भटकते रहे जरूरतमंद
प्रमुख त्योहार ईद के मौके पर धन निकासी के लिए जरूरतमंदों को भटकना पड़ा। मो. नासिम और मो शागिर ने बताया कि बैंक की पूरे दिन एटीएम का चक्कर काटते रहे। लेकिन कही भी कैश नहीं मिला। जिला मुख्यालय पर संचालित सभी एटीएम बंद रहे या खुले रहे तो उसमें धन न होने से निकासी भी नहीं हो सका। लिहाजा धन निकालने के लिए परेशान होना पड़ा।
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