सिद्धार्थनगर। फरियादियों की समस्या हल करने के लिए सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर आए 65 में से सिर्फ एक मामले का ही निस्तारण हो सका, जबकि मंडलायुक्त, डीआईजी व डीएम की भी मौजूदगी रही।
इस मौके पर जिलाधिकारी कुणाल सिल्कू ने अधिकारियों से गरीबों, असहायों को उचित एवं त्वरित न्याय दिलाएं। पीड़ित व्यक्तियों के प्रार्थना-पत्रों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। प्रस्तुत 65 प्रार्थना पत्रों में राजस्व के 38, पुलिस विभाग के 19, विकास के दो व छह अन्य मामले थे। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मबीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक मायाराम वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके मिश्र, उपजिलाधिकारी नौगढ़ उमेश चंद्र निगम, डीएफओ वीके मिश्र, पीडी संत कुमार आदि मौजूद रहे।
उधर, इटवा प्रतिनिधि के मुताबिक उपजिलाधिकारी त्रिभुवन की अध्यक्षता में लगे तहसील दिवस में कुल 82 मामले आए, मगर एक भी निस्तारण नहीं हो सका। यहां तहसीलदार शिवमूर्ति सिंह, सीओ महेंद्र सिंह देव, बीईओ चंद्रभूषण पांडेय, बीडीओ सुशील कुमार अग्रहरि आदि मौजूद रहे। शोहरतगढ़ प्रतिनिधि के मुताबिक एसडीएम अनिल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 26 मामले आए। इनमें से सिर्फ का निस्तारण हो सका। यहां तहसीलदार अरविंद कुमार, नायब तहसीलदार अवधेश कुमार राय आदि मौजूद रहे। बांसी प्रतिनिधि के मुताबिक मुख्य विकास अधिकारी हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में हुए समाधान दिवस में आए 51 मामले में एक ही हल हो पाया। इस मौके पर मंडलायुक्त अनिल कुमार सागर, डीआईजी आशुतोष कुमार, उपजिलाधिकारी प्रबुद्ध सिंह, सीओ नईम अंसारी खां, तहसीलदार वीरेंद्र कुमार गुप्ता आदि मौजूद थे।
‘साहब! मैंने नहीं किया है कब्जा, जांच करा लें’
डुमरियागंज। संपूर्ण समाधान दिवस के दिन परसा इमाद गांव निवासी रामसुरेमन चौधरी ने एडीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि हल्का लेखपाल की चार मई 2016 की रिपोर्ट के आधार पर उस पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने का मुकदमा चल रहा है, जबकि उसने ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा नहीं किया है। रामसुरेमन ने एडीएम से स्थलीय निरीक्षण कराके मुकदमे को समाप्त कराने की मांग की।