सिद्धार्थनगर। आंगनबाड़ी केंद्रों की हकीकत जानने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी ने शहर के आधा स्थानों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्रों पर नामांकन के सापेक्ष बच्चों की उपस्थिति कम मिलने, उपकरण खराब होने व अभिलेख उपलब्धता न होने पर मौके पर मौजूद अधिकारियों से नाराजगी जताई। उन्होंने केंद्रों पर मिली अनियमितता पर संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारी व मुख्य सेविका को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह ने शहर के कई आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नामांकन के सापेक्ष बच्चों की उपस्थिति कम मिली। इसके अलावा मौके पर अभिलेख भी नहीं मिले। साथ ही वजन मशीन भी खराब मिली। आंगनबाड़ी केंद्र पश्चिम गोला प्रथम के निरीक्षण के दौरान मौके पर 3-6 वर्ष के 65 बच्चों के सापेक्ष एक भी मौजूद नहीं मिला। छह माह से तीन वर्ष के बच्चों की उपस्थिति पंजिका का अवलोकन करने पर पता चला कि मई माह में जिस भी तिथि में निरीक्षण हुआ, बच्चे मौजूद नहीं मिले। उन्होंने आशंका जताई कि केंद्र संचालन नियमित रूप से नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्रों पर वजन मशीन खराब है। साथ ही पोषाहार भी उपलब्ध नहीं है। वजन पंजिका भी नहीं है। उन्होंने बताया कि रमजाननगर प्रथम व द्वितीय के निरीक्षण में प्रभारी कार्यकर्ता के रूप में कार्यभार देख रहीं सहायिका उषा उपस्थित नहीं मिलीं। पूर्व के निरीक्षण में भी गैरहाजिर मिलीं थीं। द्वितीय केंद्र के निरीक्षण में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद नहीं मिलीं। दोनों का अगले आदेश तक मानदेय रोक दिया गया है। हमीदनगर द्वितीय के निरीक्षण में भी बच्चों की उपस्थिति कम मिली। वजन मशीन सही नहीं मिली। पोषाहार उपलब्ध नहीं था। राम प्रसाद नगर द्वितीय के निरीक्षण में केंद्र पर मौजूद बच्चे लाभार्थी नहीं पाए गए। कार्यकर्ता सावित्री देवी का अगले आदेश तक वेतन रोक दिया गया है। राम प्रसाद नगर प्रथम के निरीक्षण में भी आंकड़े फर्जी तरीके से भरे मिले। कार्यकर्ता लीलावती का भी वेतन रोक दिया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्रों की बदहाल स्थिति के लिए प्रथम दृष्टया जिम्मेदार मानते हुए सीडीपीओ भानू प्रताप सिंह व मुख्य सेविका सरिता श्रीवास्तव को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।