प्राकृतिक चिकित्सा से असाध्य रोग का इलाज संभव
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नगर के डीएवी एजुकेशनल एकेडमी में आयोजित हुआ कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। नगर स्थित डीएवी एजुकेशनल एकेडमी भीमापार में मंगलवार को सात दिवसीय शरीर शुद्धि प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इसमें लोगों को योग के बारे में जानकारी दी गई।
मुख्य अतिथि सदर विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा प्राचीन भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति का प्रतीक है। प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से असाध्य बीमारियों का जड़ से इलाज संभव है। प्राकृतिक चिकित्सा आज के समय की मांग है। कार्यक्रम संचालिका प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. वंदना मिश्रा ने बताया कि इस चिकित्सा पद्धति द्वारा पंचतत्वों से अर्थात वायु, जल, अग्नि, पृथ्वी और आकाश के माध्यम से रोग का निवारण किया जाता है। शरीर में इन पांच तत्वों के असंतुलन के कारण ही रोग उत्पन्न होते हैं। इस चिकित्सा पद्धति द्वारा मन, आत्मा और शरीर की शुद्धि होती है। इस पद्धति के अनुसार रोग एक ही है। रोग के कारण और निवारण एक ही हैं। डॉक्टर पूजा श्रीवास्तव ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा का उद्देश्य रोग को नहीं रोग के कारण को दूर करना है। शरीर से विजातीय द्रव्य को दूर करने के लिए पंचतत्वों द्वारा इलाज किया है। इस दौरान बीपी त्रिपाठी, कृष्णदेव मणि त्रिपाठी, रवि शेखर द्विवेदी, रविंद्र, अरविंद कुमार झा, चंद्रमौलि मिश्र, घनश्याम ओझा और उमेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।